कोयला मंत्रालय पहुंचा कंपनियों की लापरवाही से हो रही तबाही का मुद्दा

संसदीय सलाहकार समिति में रखी गई समस्या ....

By: Ajeet shukla

Published: 03 Jul 2021, 10:19 PM IST

सिंगरौली. यहां जिले में कोयला व विद्युत उत्पादक कंपनियों की ओबी व फ्लाईऐश से हो रही तबाही का मुद्दा कोयला मंत्रालय तक पहुंच गया है। गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित कोयला मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक में न केवल यह मुद्दा उठाया गया। बल्कि जनसामान्य को जल्द से जल्द राहत दिलाने का सुझाव भी दिया गया। इसके अलावा समिति में स्थानीय स्तर के कई अन्य मुद्दों को रखा गया।

कोयला खदानों के ऊपरी हिस्से की मिट्टी यानी ओबी (ओवर बर्डन) के पहाड़ व विद्युत उत्पादक कंपनियों के फ्लाईऐश (कोयले की राख) ऊर्जाधानी यानी सिंगरौली व सोनभद्र के निवासियों के लिए बड़ी समस्या बन गए हैं। राज्यसभा सांसद अजय प्रताप सिंह ने समिति की बैठक में उपस्थित रहकर जहां सदस्यों को इस वस्तुस्थिति से अवगत कराया है। वहीं सोनभद्र संसदीय क्षेत्र के सांसद पकौड़ी लाल ने कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी को पत्र लिख कर वस्तुस्थिति की जानकारी दी है।

सांसद ने अपने पत्र के साथ पत्रिका में अभी हाल में प्रकाशित ओबी व फ्लाईऐश की समस्या से संबंधित खबरों की कटिंग को भी संलग्न किया है। सोनभद्र में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के चलते वह संसदीय सलाहकार समिति की बैठक में उपस्थित नहीं हो सके। दोनों ही सांसदों ने ओबी व फ्लाईऐश से सुरक्षा के व्यापक व मानक अनुरूप इंतजाम नहीं होने की बात कही है।

इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था सहित निर्धारित मानक के अनुरूप कार्य किए जाने की सलाह दी है। इसके अलावा हाल ही एनसीएल की खडिय़ा परियोजना में पिछले महीने हुए हादसे का हवाला भी दिया है, जिसमें तीन बालकों की मौत हो गई थी। रेलवे परामर्श दात्री समिति के सदस्य व समाजसेवी एसके गौतम ने मुद्दों को समिति की बैठक तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।

बैठक में उठाए गए यह स्थानीय मुद्दे व की गई मांग
- ओबी के पहाड़ों से बह रही मिट्टी घरों तक पहुंच रही है और खेतों को बर्बाद कर रही है।
- पहाड़ों की ऊंचाई निर्धारित हो व पहाड़ पर पौधरोपण के साथ चारों ओर बाउंड्रीवाल बने।
- सुरक्षा को लेकर आइआइटी के माइनिंग विशेषज्ञों से सलाह ली जाए और उसका पालन हो।
- रिहंद डैम किनारे स्थित ग्रामों को सीएसआर के तहत खुले में शौच मुक्त किया जाए।
- एनसीएल द्वारा सिंगरौली जिले में फलदार पौधों का जनसामान्य में वितरण कराया जाए।
- ओवर बर्डन हटाने के कार्य में लगी कंपनियों में स्थानीय युवाओं को रोजगार दिया जाए।
- एनसीएल की जमीनों पर भूमाफियाओं द्वारा हो रहे अवैध कब्जे को तत्काल रोका जाए।
- खदानों में कोयला चोरी, डीजल व कबाड़ चोरी रोकने सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
- एनसीएल प्रबंधन किसानों को उन्नत खेती के लिए प्रशिक्षित करने का कार्य करे।
- रिहंद डैम में गए फ्लाईऐश की सफाई कराई जाए और भविष्य में जाने से रोका जाए।
- तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के पदों पर स्थानीय युवाओं की बिना परीक्षा भर्ती की जाए।
- खदान क्षेत्रों के आसपास प्रदूषण को रोकने के लिए ठोस व कारगर कदम उठाए जाएं।

Ajeet shukla Reporting
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