कंपनी की लापरवाही से ग्रामीणों का जीना हुआ दुश्वार, झेल रहे ढेरों समस्या

प्रशासन से शिकायत बेअसर....

By: Ajeet shukla

Published: 10 May 2020, 08:54 PM IST

सिंगरौली. दोपहर के वक्त जरा सी हवा चलने पर भी राख का गुबार उठने लगा है। तीन से चार दिन पहले रात में आई आंधी ने तो सभी कुछ राख से भर गया। दाना-पानी सभी कुछ प्रदूषित है। प्रदूषण के चलते सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। रिलायंस सासन पॉवर के फ्लाइऐश डाइक को फूटे एक महीने हो गया, लेकिन अभी समस्या खत्म नहीं हुई है।

सिद्धिखुर्द गांव के निवासी पवन शाह ने कुछ ऐसे शब्दों से अपनी पीड़ा व्यक्त की। सासन पावर के हर्रहवा स्थित फ्लाइऐश डाइक के इर्द-गिर्द स्थित गांवों के ज्यादातर ग्रामीणों का यह हाल है। आलम यह है कि ग्रामीण अब गांव छोडऩे को तैयारी में हैं। ग्रामीणों के मुताबिक उनकी इस समस्या की मूल वजह कंपनी की ओर से राखड़ के मलबे के सफाई में की जा रही लापरवाही है।

कंपनी एक तो मलबा को सही तरीके से हटा नहीं है। दूसरी ओर मलबे को डैम के बाहर ही गांव के नजदीक एकत्र किया जा रहा है। ऐसे में जरा सी हवा चलते ही राख उड़ कर बस्ती में पहुंच जाता है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों से भी की है, लेकिन नतीजा सिफर रहा है। ग्रामीण अब गांव छोड़ कर दूसरे जगह जाने की बात कर रहे हैं।

गांव छोडऩे के अलावा दूसरा विकल्प नहीं
राख का फांकने से अजीज आ चुके ग्रामीणों ने गांव छोडऩे का निर्णय लिया है। पवन शाह के मुताबिक अब उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। 10 अप्रैल को ऐश डाइक फूटने की घटना के बाद से अभी तक करीब सौ लोग तंबू में ही रह रहे हैं। उन सभी ने भी अपना डेरा वहां हटाने का निर्णय लिया है।

Ajeet shukla Reporting
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