सोन नदी से रेत निकासी प्रतिबंधित, सांठ-गांठ से ठेकेदार ने लगा दी पनडुब्बी व हैवी मशीन

सोन घडिय़ाल अभ्यारण होने के बाद भी ठटरा में चल रही रेत खदान .....

By: Ajeet shukla

Published: 12 Jul 2021, 12:29 AM IST

सिंगरौली. घडिय़ाल के विचरण क्षेत्र के चलते सीधी और सिंगरौली जिले में रेत खनन पर पाबंदी है। लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत से सोन घडिय़ाल के प्रतिबंधित संवेदनशील क्षेत्र ठटरा में ठेकेदार न केवल रेत निकासी कर रहा है बल्कि नदी की धार को बांधकर पनडुब्बी व हैवी मशीनें उतार दी हैं।

खनिज विभाग और दूसरे सरकारी विभागों की सांठ-गंाठ से यहां से रेत की निकासी कर हर दिन उत्तरप्रदेश भेजी जा रही है। जिले की चितरंगी तहसील के ठटरा में सोन नदी में चल रही इस रेत खदान की जिम्मेदारी कोई भी लेने को तैयार नहीं है। बताया गया है कि जिले का ठेका होने के दौरान ठटरा खदान का कोई उल्लेख नहीं था। बाद में ठेका लेने वाली कंपनी आरकेटीसी ने यहां भी खदान लगा दी।

सोन नदी में पानी बढऩे पर सोन घडिय़ाल क्षेत्र में स्थित ठटरा रेत खदान में पनडुब्बी लगाकर रेत का खनन शुरू कर दिया गया है। बताया गया कि दो पनडुब्बियों से लगातार अवैध खनन कर नदी के किनारे ही भंडारण किया जाता है। रात में रोज 20.25 गाड़ी रेत का यूपी परिवहन किया जाता है।

एमपी व यूपी सीमा होने के कारण यहां किसी की नजर भी नहीं पड़ती। हालांकि यूपी का सोनभद्र जिला प्रशासन लगातार इस पर आपत्ति उठाते हुए सिंगरौली जिला प्रशासन से प्रत्राचार कर रहा है। शिकायतों के बाद भी जिला प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। खनिज विभाग के अधिकारी भी चुप्पी साधे बैठे हैं।

पंचायत की बंद कराईए ठेकेदार को अभयदान
बताया गया है कि ठटरा रेत खदान को एक बार ग्राम पंचायत को दिया गया था। तब इसकी एनओसी को लेकर आपत्ति उठाई गई। तो संजय टाइगर रिजर्व ने खदान को बंद करा दिया था। लेकिन बाद में जीपीएस लोकेशन को लेकर इधर-उधर की बात होने लगी। ठेकेदार अब इसी सांठ गांठ का फायदा उठा रहा है।

Ajeet shukla Reporting
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