सर्वोच्च न्यायालय से कोयला व विद्युत उत्पादक कंपनियों को मिली बड़ी राहत

सडक़ मार्ग से फिर शुरू होगा कोल परिवहन....

By: Ajeet shukla

Published: 01 Jul 2019, 09:19 PM IST

सिंगरौली. सर्वोच्च न्यायालय की विशेष सुनवाई में एनसीएल सहित विद्युत उत्पादक कंपनियों को बड़ी राहत मिली है। न्यायालय ने एनजीटी की ओवर साइट कमेटी के उस निर्देश पर स्टे लगा दिया है, जिसमें सडक़ मार्ग से कोल परिवहन को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया गया था।

ओवर साइट कमेटी के निर्देश पर न्यायालय से स्थगन आदेश जारी होने के बाद यहां एनसीएल सहित अन्य ग्राहक कंपनियों को सडक़ मार्ग से कोल परिवहन करने के लिए फिलहाल छूट मिल गई है। ट्रांसपोर्टरों को भी इस स्थगन आदेश से राहत मिली है। हालांकि इस मामले में अभी न्यायालय में सुनवाई जारी रहेगी।

न्यायालय से राहत मिलने के कुछ ही घंटों बाद एनसीएल ने 22 जून को जारी उस आदेश को शिथिल कर दिया है, जो सडक़ मार्ग से कोल परिवहन प्रतिबंधित किए जाने को लेकर जारी किया गया था। यह आदेश कंपनी के सभी परियोजनाओं के प्रबंधकों के लिए था। एनसीएल की ओर से प्रबंधकों को यह आदेश ओवर साइट कमेटी के निर्देश के दबाव में आकर किया गया था।

ओवर साइट कमेटी ने सात जून को प्रयागराज उत्तर प्रदेश में बैठक बुलाकर एनजीटी के पूर्व में जारी आदेश का हवाला देते हुए तत्काल प्रभाव से सडक़ मार्ग से कोल परिवहन बंद किए जाने का निर्देश दिया था। दबाव में आई एनसीएल ने तत्काल प्रभाव से कोल परिवहन बंद तो कर दिया, लेकिन निर्देश के विरूद्ध 28 जून को सर्वोच्च न्यायालय में विशेष सुनवाई के लिए अपील की।

कंपनी की अपील पर मिली तिथि के मुताबिक एक जुलाई को न्यायालय ने ओवर साइट कमेटी के निर्देश पर स्थगन आदेश जारी करते हुए सडक़ मार्ग से कोल परिवहन को हरी झंडी दे दी। इस आदेश से एनसीएल सहित विद्युत उत्पादन करने वाली उसकी स्थानीय ग्राहक कंपनियों के साथ ट्रांसपोर्टरों को बड़ी राहत मिली है। अब वह न्यायालय के अगले आदेश तक सडक़ मार्ग से कोल परिवहन जारी रख सकेंगे।

Ajeet shukla Reporting
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