स्कूलों में वाहनों के लिए जिला प्रशासन ने जारी किए निर्देश

कलेक्टर अनुराग चौधरी ने स्कूलों में बच्चों के परिवहन के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहनों को लेकर गाइडलाइन जारी की है।

By: Vedmani Dwivedi

Published: 16 May 2018, 11:40 AM IST

सिंगरौली. स्कूलों में नए सत्र के साथ ही व्यवस्था बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसी सिलसिले में कलेक्टर अनुराग चौधरी ने स्कूलों में बच्चों के परिवहन के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहनों को लेकर गाइडलाइन जारी की है। जिसके मुताबिक प्रत्येक स्कूल में शाला परिवहन समिति का गठन किया जाएगा। जिसमें संबंधित स्कूल के प्राचार्य के साथ ही शिक्षा विभाग का एक अधिकारी एवं अभिभावक होंगे। जो यह देखेंगे की जिस वाहन का उपयोग बच्चों के परिवहन के लिए उपयोग किया जा रहा है वह ठीक है या नहीं। कलेक्टर ने 14 मई को यह निर्देश जारी किए।

मान्यता निरस्त करने की चेतावनी
निर्देश के मुताबिक मान्यता नियम 2017 की कंडिका 20(6) के प्रावधानों के पालन न करने की स्थिति में उक्त शालाओं की मान्यता निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। सीबीएसई, आईसीएसई अथवा अन्य बोर्ड से संबंधित शालाओं की संबंद्धता यदि परिवहन के नियमों का पालन नहीं करते तो उन्हें अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं दिए जाएंगे।

प्रत्येक स्कूल में समिति का गठन
स्कूली बच्चों के परिवहन के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहन नियमों के मुताबिक हों। इसमें पालकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रत्येक शैक्षणिक संस्था स्तर पर एक समिति गठित किया जाएगा। शैक्षणिक संस्था में स्कूल वाहनों के सुरक्षित संचालन तथा पालकों की सहभागिता सुनिश्चित करने प्रत्येक शैक्षणिक संस्था स्तर पर एक शाला परिवहन समन्वय समिति का गठन किया जाएगा। जिसमें संबंधित सस्था का प्राचार्य समिति का संयोजक होगा। समिति में जिला शिक्षा अधिकारी अथवा उनके द्वारा नामांकित प्रतिनिधि, अनुविभागीय अधिकारी अथवा उनके द्वारा नामांकित प्रतिनिधि, शैक्षणिक संस्था में संचालित प्रत्येक कक्षा के प्रत्येक सेक्शन से एक पालक सदस्य होंगे। शाला परिवहन समिति का गठन संबंधित शाला प्रबंधन सुनिश्चित करेगा।

तीन माह में एक बार होगी बैठक
शाला परिवहन समिति की बैठक तीन माह में कम से कम एक बार होगी। समिति विद्यालय परिवहन व्यवस्था में सुरक्षा में संबंधित विभिन्न विन्दु की समीझा के लिए कार्य करेगी। समिति के पास स्कूल में बच्चों का परिहवन करने वाले सभी वाहनों की जानकारी होगी। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करना होगा की परिवहन के लिए निर्धारित मानकों एवं गुणवक्तायुक्त वाहनों का उपयोग हो। वाहनों की क्षमता के दृष्टिगत संबंधित वाहनों में अधिकतम बच्चों की संख्या निर्धारित की जाएगी। बसों में सीट बेल्ट लगाये जाने तथा अन्य समस्त आवश्यक सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

चालकों का होगा ड्राइविंग टेस्ट
स्कूलों में चलने वाले वाहन चालकों का ड्राइविंग टेस्ट कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए परिवहन विभाग से समन्वय स्थापित कर विशेष प्रशिक्षण आयोजित कराए जाएंगे। इसके साथ ही स्कूल प्रबंधन समय - समय पर बच्चों द्वारा उपयोग किए जा रहे वाहनों का निरीक्षण करेगा। स्कूल में बच्चों के लिए उपयोग किए जा रहे सभी वाहनों जानकारी परिवहन विभाग, पुलिस विभाग तथा स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को उपलब्ध कराना आवाश्यक होगा।

Vedmani Dwivedi
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