सांसद निधि से एक तिहाई राशि भी सिंगरौली को नहीं

सांसद निधि से एक तिहाई राशि भी सिंगरौली को नहीं

Vedmani Dwivedi | Publish: May, 18 2018 01:19:46 PM (IST) Singrauli, Madhya Pradesh, India

तीन चौथाई मद सीधी पर खर्च कर रही सांसद पाठक

सिंगरौली. वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों में सीधी सिंगरौली क्षेत्र से भाजपा के बैनर तले रीति पाठक चुनी गईं। पाठक का सिंगरौली में ननिहाल रहा है। इस कारण भांजी मानकर सिंगरौली के लोगों ने पाठक का खूब साथ दिया। इसके पीछे यह भी सोच रही कि वे अपने ननिहाल के विकास पर खासा ध्यान देगी। लेकिन उनकी यह सोच महज सोच ही बन कर रह गई।

सांसद निधि से मंजूर किए गए विकास कार्यों से बखूबी उनकी मंशा को देखा जा सकता है। सिंगरौली जिले में एक साल में डेढ़ करोड़ के कार्य भी नहीं कराए गए जबकि सांसद निधि पर सीधी के साथ सिंगरौली का भी बराबर हक है।

केन्द्र सरकार की ओर से सांसद को अपने क्षेत्र में जरूरत पडऩे पर मौके पर ही राशि स्वीकृत करने के लिए प्रति वर्ष 5 करोड़ रुपए आवंटित किए जाते है। इस राशि से वे अपने क्षेत्र में पानी, स्वास्थ्य, नाली खुरंजा, शिक्षा आदि पर खर्च कर सकते है। सीधी सिंगरौली सांसद पाठक द्वारा अपने क्षेत्र में कराए गए कामकाज का ब्योरा बताता है कि सिंगरौली क्षेत्र में काम करवाने में हाथ तंग रखा।

15-16 में महज डेढ़ करोड़
निर्वाचन के बाद वर्ष 2015-16 में श्रीमती पाठक द्वारा सांसद निधि से राशि आवंटित की गई। इसमें सिंगरौली का हिस्सा एक तिहाई भी नहीं है। करीब डेढ़ करोड़ रुपए के कार्यों को मंजूरी दी गई। उसमें से भी कुछ राशि शेष बताई जा रही है अर्थात स्वीकृति के बाद भी राशि पूरी नहीं दी गई।

देवसर से दूरी
सांसद मद से इस साल देवसर एक प्रकार से नजरंदाज ही रहा। देवसर विधानसभा क्षेत्र में आधा दर्जन कार्य स्वीकृत किए गए। कुल २३ लाख रुपए के कार्यों को मंजूरी दी गई।

बैढऩ से अधिक चितरंगी
कुल डेढ़ करोड़ में से एक दर्जन कार्य बैढऩ में दिए गए। इनके लिए 44 लाख रुपए मंजूर किए गए। बैढऩ से अधिक चितरंगी विधानसभा को महत्व दिया गया। यहां 15 कार्यों पर 50 लाख रुपए दिए गए।

हमारा भी अधिकार
सांसद निधि पर हमारा भी बराबर का हक है जबकि हमें केवल एक तिहाई राशि ही दी जा रही है। सांसद के अब तक की स्वीकृतियों को देख लीजिए।
रामसागर शाह पूर्वनेता प्रतिपक्ष, नगर निगम सिंगरौली

सिंगरौली शहर सांसद की दृष्टि से उपेक्षित ही रहा है। दो तीन कार्यों को छोड़कर पिछले चार साल में नगर निगम क्षेत्र में सांसद ने किसी भी कार्य को मंजूरी नहीं दी है।
परमेश्वर पटेल पार्षद, वरिष्ठ नेता कांगे्रस मोरवा

शहर में पेयजल संकट व्याप्त है। सांसद अपने मद से भी शहरवासियों को राहत दे सकती है लेकिन उन्हें इसके लिए समय ही कहां है? पेयजल पर ध्यान देने की जरुरत है।
लालचंद कुशवाहा वरिष्ठ नेता, कम्यूनिष्ट पार्टी

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