सड़क पर आवारा पशु छोडऩे वालों के विरूद्ध दर्ज होगी एफआइआर

कलेक्टर ने जारी किया आदेश, पशु चिकित्सालय में बढ़ेगी सुविधाएं ....

By: Ajeet shukla

Updated: 11 Jun 2021, 10:23 PM IST

सिंगरौली. सड़क में आवारा मवेशियों को छोडऩे वालों के विरूद्ध एफआइआर दर्ज कराई जाएगी। जिले में संचालित पशु चिकित्सालयों में बीमार पशुओं के इलाज के लिए व्यवस्थाएं और दुरुस्त होंगी। जिला पशु चिकित्सालय में एक्सरे मशीन सहित लैब की शीघ्र स्थापना कराई जाएगी। कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने विभागीय अधिकारियों को इस आशय का निर्देश दिया है।

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित पशु क्रूरता निवारण समिति के बैठक में कलेक्टर उप संचालक पशु चिकित्सा को निर्देश दिया कि वह इससे संबंधित योजना बनाएं। बैठक में कलेक्टर सिंगरौली विधायक राम लल्लू वैश्य, पुलिस अधीक्षक बीरेंद्र सिंह, सीइओ जिला पंचायत साकेत मालवीय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर ने उप संचालक पशु चिकित्सा से संबंधित जानकारी लेने के बाद कहा कि शहरी क्षेत्र के प्रमुख सड़कों पर अधिकांश समय मवेशियों का जमावड़ा बना रहता है। इससे आवागमन प्रभावित होता है। साथ ही दुर्घटना होने की संभवना भी बनी रहती है। इसके रोकथाम के लिए नगर निगम के दल के साथ ही राजस्व व स्वास्थ्य विभाग का दल संयुक्त रूप से मवेशियें को आवारा छोडऩे वाले पशु स्वामियों को चिह्नित कर उनके विरूद्ध एफआइआर दर्ज कराई जाए।

संबंधित दल के साथ पशु विभाग की टीम आवारा मवेशियों को गौ शालाओं में भेजने की व्यवस्था करें। उन्होने निर्देश दिया कि गौशालाओं का निरीक्षण पशु चिकत्सालय के उपसंचलक करें कि गौशाला में पर्याप्त मवेशियों को रखने को स्थान व आहार उपलब्ध कराया जा रहा है या नहीं। कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिया कि एनसीएल व एनटीपीसी कालोनियों में निवास करने वाले पशु मालिकों द्वारा भी अपने पशुओं को आवारा छोडऩे की शिकायत मिली है। अमलोरी, निगाही व जयंत की मुय सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रहती है।

कलेक्टर ने कहा कि संबंधित परियोजना अधिकारी को इस आशय का पत्र जारी करें कि उनके परियोजनाओं में आवारा पशुओं को छोडऩे वालों के विरूद्ध कार्यवाही करें। कलेक्टर ने पशुधन को बढ़ावा देने के लिए जिले में स्थापित पशु चिकित्सालयों में अच्छी व्यवस्था बनाने का भी निर्देश दिया। कहा कि सभी चिकित्सलयों की ओपीडी सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक जारी रखी जाए। कितने मवेशियों का इलाज किया गया। इसकी भी जानकारी पंजी में दर्ज किया जाए।

विधायक ने कहा नस्ल सुधार का हो प्रयास
बैठक के दौरान विधायक राम लल्लू वैश्य ने सुझाव दिया कि गौशालाओं में निर्धारित क्षमता के अनुसार मवेशियों को रखा जाएं ओर इनकी देखरेख के साथ ही आहार की समुचित व्यवस्था कराई जाए। साथ ही जिले में मवेशियों के नस्ल सुधार के लिए अभियान चलाया जाए। इसका सर्वे भी कराया जाएगा कि किस नस्ल के मवेशियों की संया कितनी है। कलेक्टर ने विधायक के सुझाव के मद्देनजर भी उपसंचालक को निर्देशित किया।

पुलिस भी करेगी मदद
बैठक में उपस्थित पुलिस अधीक्षक बीरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि आवारा मवेशियों के चलते सड़क दुर्घटनाएं अधिक हो रही हैं। इस लगाम लगाने के लिए पुलिस भी मदद करेगी। आवारा मवेशियों से संबंधित समस्या के लिए पुलिस को भी सूचित किया जाए। परेशानी व दुर्घटना का सबब बनने वाले मवेशियों के स्वामी के विरूद्ध एफआइआर दर्ज की जाएगी।

कलेक्टर ने यह निर्देश भी दिया
- दुर्घटनाग्रस्त मवेशियों को रखने की व्यवस्था की जाए।
- शहरी क्षेत्र में यह जिम्मेदारी नगर निगम की होगी।
- नगर निगम कार्यालय मे कंट्रोल रूम की स्थापना करें।
- चिकित्सालय में एक्सरे मशीन एवं लैब स्थापित करें।
- दुग्ध व्यावसाय को बढ़ावा देने के लिए योजना बनाएं।
- मवेशियों में बीमारी से बचाव का टीकाकरण कराएं।

Ajeet shukla Reporting
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