शिकायतों का निराकरण एक चौथाई से कम हुआ तो देना होगा स्पष्टीकरण

कलेक्टर ने दिया तहसील स्तर पर शिविर आयोजित करने का निर्देश ....

By: Ajeet shukla

Published: 29 Dec 2020, 11:48 PM IST

सिंगरौली. राजस्व विभाग से संबंधित सीएम हेल्पलाइन में जो भी प्रकरण लंबित है उनका निराकरण तहसील स्तर पर कैंप आयोजित कर किया जाए। साथ ही राजस्व कैंप लगाकर किसानों को ऋण पुस्तिका का भी वितरण करना सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने राजस्व अधिकारियों को यह निर्देश दिया।

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक के दौरान कलेक्टर ने सीएम हेल्प लाइन में तीन सौ दिवस व सौ दिवस से लंबित शिकायतों के निराकरण की समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि कई विभागो द्वारा लक्ष्य के अनुरूप शिकायतों का निराकरण संतुष्टि पूर्वक नहीं किया जा रहा है।

कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए जिन विभागीय अधिकारियों द्वारा 25 प्रतिशत से कम शिकायतों का निराकरण किया गया है, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। कलेक्टर ने शिक्षा विभाग की सीएम हेल्प लाइन में दर्ज शिकायतों की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि जिन संकुल प्राचर्यों द्वारा आवेदनों के निराकरण में लापरवाही की जा रही है।

उनके विरूद्ध प्रस्ताव तैयार कर कार्यवाही के लिए प्रस्तुत किया जाए। कलेक्टर ने कहा सीएम हेल्प लाइन मे दर्ज शिकायतों का निराकरण प्रथम स्तर पर किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी संबंधित शिकायताकर्ता से मोबाइल पर चर्चा कर शिकायतों को संतुष्टि पूर्वक निराकरण कराएं।

कलेक्टर ने शासन की योजनाओं और बैंकों में लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। कहा कि पीएम स्ट्रीट वेंडर योजना शहरी एवं ग्रामीण के प्रकरणों का निराकरण नोडल अधिकारी बैंकों से कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने मातृत्व वंदना योजना प्रसूति सहायता के लंबित प्रकरणों का भी समय पर निराकरण किए जाने का निर्देश दिया। कलेक्टर द्वारा राजस्व के प्रकरणों अविवादित नामांतरण बंटनवारा सहित प्रकरणों का त्वारित गति से निराकरण करने का निर्देश दिया गया।

कलेक्टर द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ आमजनों को दिलाने के उद्देश्य से आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिया गया। मुख्य स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी को उन्होंने निर्देश दिया कि वह खुद इस कार्य को प्राथमिकता से कराएं। आयुष्मान कार्ड बन जाने पर संबंधित परिवार की चिकित्सा पर 5 लाख रुपए तक का व्यय शासन द्वारा किया जाता है।

कलेक्टर ने मत्स्य पालन विभाग, उद्यानिकी विभाग, पशु चिकित्सा विभाग और कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया हितग्राहियों को विभाग द्वारा दिए जाने वाले लाभ समय पर उपलब्ध कराएं। कलेक्टर ने कहा कि मिलावटखोर एवं अवैध रूप से किए गए अतिक्रमणों भू-माफिया, रेत माफिया के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करें।

शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ शत प्रतिशत पात्र हितग्राहियों को मुहैया कराएं। नवीन पात्रता पर्चीधारियो को समय पर खाद्यान उपलब्ध कराया जाएं। उन्होंने कहा कि धान उपार्जन केंद्रों पर नोडल अधिकारी सतत भ्रमण करते रहे। धान परिवहन के कार्य मे तेजी लाई जाए। उपार्जन केंद्रों में अव्यवस्था ना होने पाएं। बैठक के दौरान सीइओ जिला पंचायत साकेत मालवीय, अपर कलेक्टर डीपी बर्मन, एसडीएम एसपी मिश्रा सहित अधिकारी उपस्थित रहे।

Ajeet shukla Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned