जिले के 18 गांवों में दुग्ध संग्रह के नाम केन्द्र होंगे स्थापित, जानिए क्या है पूरा मामला

जिले के 18 गांवों में दुग्ध संग्रह के नाम केन्द्र होंगे स्थापित, जानिए क्या है पूरा मामला
Singrauli in 18 village Center for Dairy collection will be establishe

Amit Pandey | Updated: 04 Jul 2019, 03:51:49 PM (IST) Singrauli, Singrauli, Madhya Pradesh, India

पशुपालकों को मिलेगा केंद्रों का लाभ.....

सिंगरौली. जिले में पशुपालकों की सुविधा के लिए सहकारी क्षेत्र के लिए दुग्ध संग्रह के 18 नए केन्द्र स्थापित होने जा रहे हैं। इन केन्द्रों पर पशुपालकों से सुबह शाम दुग्ध संग्रह किया जाएगा और इसके बदले उनको प्रति लीटर तय दाम मिलेगा। इसका मकसद जिले से संग्रह होने वाले दुग्ध की मात्रा को बढ़ाना तथा पशुपालकों को राहत देना है। जिले में जिन 18 गांवों में दुग्ध संग्रह के नए केन्द्र स्थापित होने जा रहे हैं, वहां के पशुपालकों को अभी दुग्ध बिक्री के लिए गांव से दूर तक जाना पड़ रहा है। सहकारिता व पशुपालन विभाग विभाग को वहां जल्द नए दुग्ध संग्रह केन्द्र स्थापित करने हैं।
बताया गया कि फिलहाल जिले में जबलपुर डेयरी की ओर से जिले के काफी गांवों में दूध संग्रह किया जा रहा है मगर काफी गांव अब भी इससे वंचित हैं। इस कारण वहां के पशुपालकों को अपने स्तर पर उत्पादित दूध की बिक्री के लिए परेशान होना पड़ता है तथा उनको इसका सही दाम भी नहीं मिलता। इसलिए पशुपालकों के हित में एेसे कई गांवों में सहकारी क्षेत्र की जबलपुर डेयरी के लिए दुग्ध संकलन की व्यवस्था की मांग हो रही थी।

इसके तहत ही हाल में डेयरी की हरी झंडी के बाद जिला प्रशासन के स्तर पर 18 गांवों मंें नए दुग्ध संग्रह केन्द्र खोलने का निर्णय किया गया। बताया गया कि जबलपुर डेयरी व प्रशासन के बीच बनी सहमति में ये नए केन्द्र इस माह के अंत तक शुरु करना तय हुआ है। खास बात है कि सभी नए दुग्ध संग्रह केन्द्र जिले की चितरंगी तहसील में खुलेंगे।

बताया गया कि ये नए केन्द्र शुरु होने के बाद जिले से जबलपुर डेयरी को अधिक मात्रा में दूध मिल सकेगा। माना जा रहा है कि डेयरी व प्रशासन के इस निर्णय से चितरंगी तहसील के पशुपालकों को लाभ मिलेगा। बताया गया कि इन केन्द्रों के शुरु होने के बाद जिले में कुछ और नए दुग्ध संग्रह केन्द्र खोले जाने की योजना है।

इन गांवों में यह केन्द्र शुरू करने के लिए चितरंगी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखा गया है। अब सरपंच या ग्राम सचिव को संबंधित गांव में सामुदायिक भवन या पंचायत भवन में दुग्ध संग्रह केन्द्र के लिए जगह तय करनी है। ग्राम पंचायत से जगह तय होने के बाद संबंधित गांवों में ये केन्द्र शुरु किए जाएंगे।

यहां खुलेंगे दुग्ध संग्रह केन्द्र
सभी 18 नए केन्द्र चितरंगी तहसील के खाते में गए हैं। इनमें करैला, खिरवा, बिरकुनिया, बुढाडोल, कुसाही, देवरा, लमसरई, घोघरा, बगदरा कला, खटाई, रेहड़ा, माचीकला, क्योंटली, शिव पुरवा, देवरी द्वितीय, हरमा, पौड़ी प्रथम व दुधमनिया गांव शामिल हैं। इन केन्द्रों का संचालन वहां की ग्राम दुग्ध सहकारी समिति करेगी।

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