न्यूनतम बिंदू पर आई मांग, मशीनें थमी तो औद्योगिक बिजली की खपत भी डाउन

आबादी क्षेत्र में यथावत है मांग....

By: Amit Pandey

Updated: 06 Apr 2020, 10:44 PM IST

सिंगरौली. लाकडाउन के चलते बीते जिले के निजी उद्योगों में भी बिजली की हालत लाकडाउन मंें पहुंच गई। पहले सामान्य स्थिति में जिला मुख्यालय बैढन के औद्योगिक क्षेत्र में बिजली की खूब मांग रहती थी मगर लाकडाउन में छोटी व बड़ी सभी औद्योगिक इकाईयों का भी शटर गिर गया। वहां सारी मशीनें शांत हो गई। इसके चलते औद्योगिक क्षेत्र में बिजली की मांग भी लाकडाउन के साथ ही 80 प्रतिशत गिर गई। इस प्रकार औद्योगिक क्षेत्र की मशीनें शांत होने के बाद जिला मुख्यालय पर इस क्षेत्र की बिजली की मांग मात्र 15-20 प्रतिशत पर ही सिमट गई है।

बताया गया कि सामान्य दिनों में बैढन के औद्योगिक क्षेत्र में छोटी-बड़ी लगभग 80 इकाईयों में बिजली की मांग 20 मेगोवाट के आसपास रहती है। वहां हर औद्योगिक इकाईयों में स्थापित मशीनों को चलाए जाने के लिए 24 घंटे में 20 मेगावाट तक बिजली की आपूर्ति की जाती है। इस क्षेत्र में कुछ नई औद्योगिक इकाईयां स्थापित हो रही हैं। उनके शुरू होने पर वहां बिजली की मांग में बढौतरी होने का अनुमान है। बिजली अधिकारियों की ओर से बताया गया कि सामान्य दिनों में जहां औद्योगिक क्षेत्र को प्रतिदिन 20 मेगावाट बिजली की जरूरत होती है मगर लाकडाउन का यहां व्यापक असर सामने आया है।

बताया गया कि अब लाकडाउन के बाद वहां सभी इकाईयां बंद हैं तथा इनर्वरट सहित दूसरे कुछ जरूरी उपकरण ही चालू रखे गए हैं। वहां मामूली संख्या में पंखे या अन्य काम में बिजली का उपयोग हो रहा है। मगर बड़ी व छोटी सभी मशीनें बंद हैं और इस कारण उस क्षेत्र में बिजली की मांग 80 प्रतिशत तक घट गई है।इसके मुकाबले शहर के आबादी क्षेत्र में लाकडाउन के दौरान भी बिजली की मांग लगभग पूर्ववत ही बनी हुई है। आबादी क्षेत्र में लाकडाउन के चलते बिजली की मांग में कोई गिरावट नहीं आई है। बिजली कंपनी शहर संभाग के कार्यपालन यंत्री एएस बघेल ने बताया कि लाकडाउन से पहले शहर के आबादी क्षेत्र में बिजली की मांग छह से साढे छह सौ एमपीआर रहती थी जो लाकडाउन के बाद भी यथावत है तथा अब गर्मी बढऩे के चलते एयरकंडीशनर आदि शुरू होने के चलते दिन में मांग बढक़र लगभग साढे सात सौ एमपीआर तक पहुंच गई है।

Amit Pandey
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