scriptSingrauli SDM's order neglect in coal transport route | कोयले की कालिख से नहीं मिली राहत, हादसे भी नहीं रुके | Patrika News

कोयले की कालिख से नहीं मिली राहत, हादसे भी नहीं रुके

एसडीएम के आदेश पर मनमानी जारी ....

सिंगरौली

Published: November 18, 2021 12:20:16 am

सिंगरौली. कोयले की कालिख जिले की साख पर बट्टा लगा रही है। अफसरों के निर्देशों को ताक पर रख कर कोल परिवहन किया जा रहा है। यह मनमानी लोगों की जान ले रही है। सोमवार की शाम हुआ सड़क हादसा, इसका जीता जागता उदाहरण है। कोल वाहन की टक्कर से बाइक सवार नवयुवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना उस वक्त की है, जिस समय मार्ग से कोल परिवहन प्रतिबंधित रखने का निर्देश है।
Singrauli SDM's order neglect in coal transport route
Singrauli SDM's order neglect in coal transport route
पिछले महीने अक्टूबर में परसौना-रजमिलान मार्ग पर एक से दो दिन के अंतराल पर छह घटनाएं हुईं। इससे चौकन्ना होकर प्रशासन ने शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक कोल परिवहन प्रतिबंधित कर दिया। एसडीएम सिंगरौली ऋषि पावर ने 25 अक्टूबर को बाकायदा प्रतिबंध से संबंधित आदेश जारी किया, लेकिन आदेश केवल कागज तक सीमित होकर रह गया। हकीकत में स्थिति यह है कि इस रूट से 24 घंटे कोल परिवहन जारी है। सोमवार को हुई घटना निर्देशों के उल्लंघन का ही नतीजा माना जा रहा है। बता दें कि इस मार्ग से एस्सार पॉवर के लिए कोयला परिवहन होता है।
बाजार में भीड़ के चलते प्रतिबंध
शाम के वक्त परसौना-रजमिलान मार्ग पर स्थित बाजारों में ग्राहकों की भारी भीड़ जुटती है। हादसों की मुख्य वजह कोल परिवहन और बाजार में भीड़ को माना गया। अक्टूबर में हुए कई हादसों के बाद कलेक्टर में टीम गठित कर जांच कराई। टीम की जांच रिपोर्ट और सुझाव के मद्देनजर शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक प्रतिबंध लगाया गया, लेकिन यह निर्देश केवल कागज तक सीमित होकर रह गया। आदेश का पालन हो रहा है या नहीं, अधिकारियों ने यह जानने की कोशिश भी नहीं की।
प्रदूषण का भी झेल रहे दंश
हादसों के साथ कोल परिवहन के चलते लोगों को प्रदूषण का दंश भी झेलना पड़ रहा है। जयंत से मोरवा, मोरवा से गोरबी, गोरबी से बरगवां, बरगवां से परसौना, परसौना से रजमिलना और रजमिलान से बंधौरा तक का रूट कोल परिवहन के लिए निर्धारित है। इस रूट पर बसे लोगों को पूरे समय कोयले की कालिख फांकनी पड़ती है। इस रूट पर एक दिन में करीब 500 वाहन दो से तीन खेप लगाते हैं। इससे प्रदूषण की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
यह निर्देश पर भी नजरअंदाज
- वाहनों को समूह में चलने का निर्देश है।
- रफ्तार अधिकतम 20 किलोमीटर प्रति घंटा।
- कोल वाहन ओवरलोड नहीं होने चाहिए।
- कोल वाहन के चालक अनुभवी होने चाहिए।
- वाहनों की ट्रॉली ढकी हुई होनी चाहिए।
- कोल वाहनों के आगे एक गाइड वाहन चले।

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