रबी में बोवनी के लिए समितियों से मिलेगा बीज

मार्कफेड व कृषि विभाग ने की तैयारी ...

By: Ajeet shukla

Published: 05 Nov 2020, 01:50 PM IST

सिंगरौली. जिले में फसल की बुवाई के लिए बीज उपलब्ध कराने को लेकर कृषि विभाग व मार्कफेड ने तैयारी पूरी कर ली। मार्कफेड व कृषि विभाग किसानों को ग्राम सेवा सहकारी समितियों के मार्फत गेहूं व अन्य फसलों के बीज उपलब्ध कराएंगे। हालांकि मार्कफेड अपने तय दाम पर ही बीज की बिक्री करेगा जबकि कृषि विभाग की ओर से वितरित होने वाले बीज में संबंधित किसान को अनुदान का लाभ भी दिया जाएगा।

फिलहाल मार्कफेड के पास 400 क्विंटल मात्रा में गेहूं के बीज का स्टाक उपलब्ध है। इसी प्रकार कृषि विभाग की ओर से बुवाई के लक्ष्य के अनुसार अपने पास बीज उपलब्ध होना बताया गया है। उल्लेखनीय है कि जिले में इस बार 44 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की बुवाई कराने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके अनुरूप ही आगामी सप्ताह में गेहूं की बुवाई शुरू होने के बाद बीज की मांग बढऩे की उम्मीद है।

जिले में रबी सीजन की मुख्य फसल गेहूं की बुवाई आगामी सप्ताह से शुरू होने और गति पकडऩे का अनुमान है। बुवाई शुरू होने पर बीज की मांग के दृष्टिगत मार्कफेड ने अपने स्टाक में 400 क्विंटल गेहूं का बीज उपलब्ध होना बताया गया है। मार्कफेड केवल गेहूं का ही बीज बिक्री करेगा। मार्कफेड के स्थानीय विपणन अधिकारी महेंद्र पांडे ने बताया कि अभी बीज की मांग बेहद मामूली है। यह संस्था तय मूल्य पर ही किसान को बीज उपलब्ध कराएगी।

मार्कफेड की ओर से ग्राम सेवा सहकारी समितियों को भी मांग के अनुसार बीज उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी बहुत कम संख्या में किसान बीज के लिए आ रहे हैं। पांडे के अनुसार फिलहाल ग्राम सेवा सहकारी समितियों से भी बीज की कोई मांग नहीं आई है। मांगे जाने पर समितियों को बीज उपलब्ध करवा दिया जाएगा। खपत बढऩे पर मार्कफेड की ओर से बीज निगम से संपर्क कर तत्काल और बीज जुटाने की व्यवस्था की जाएगी।

इसी प्रकार कृषि विभाग की ओर से भी लक्ष्य के अनुरूप बुवाई करवाने के लिए बीज की व्यवस्था की गई है। कृषि उपनिदेशक आशीष पांडे ने बताया कि अभी जिले में अलसी, मसूर व सरसों की ही बुवाई हो रही है। गेहूं की बुवाई एक सप्ताह बाद शुरू होने का अनुमान है। कृषि विभाग की ओर से मांग के अनुसार ग्राम सेवा सहकारी समितियों को बीज उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से किसानों को दिए जाने वाले बीज पर 50 से 60 प्रतिशत अनुदान देय होगा। इसका लाभ पात्र किसानों को ही मिलेगा।

कृषि विभाग की ओर से जिले में इस बार गेहूं के अलावा 22 हजार हेक्टेयर में चना, 12 हजार हेक्टेयर में सरसों, छह हजार हेक्टेयर में मसूर, पांच हजार हेक्टेयर में अलसी व 10 हजार हेक्टेयर में जो की बुवाई कराया जाना तय किया गया है। दोनों विभागों की ओर से जिले में बुवाई के लक्ष्य के अनुसार पर्याप्त मात्रा में गेहूं व अन्य बीज उपलब्ध होने की बात कही गई है। माड़ा निवासी किसान भगवान सहाय नामदेव व नगवा निवासी किसान बजरंग बली यादव ने बताया कि अभी धान की कटाई हो रही है। खेत खाली होने के बाद आगामी सप्ताह से गेहूं की बुवाई का काम शुरू हो सकेगा।

Ajeet shukla Reporting
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