NTPC के संविदा कर्मचारी की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

-पुलिस चुपके से पिछले दरवाजे से पोस्टमार्टम हाउस ले गई शव
-6 दिन बाद कूलिंग टावर की जारी में फंसा मिला शव

By: Ajay Chaturvedi

Published: 16 Oct 2020, 05:06 PM IST

सिंगरौली. NTPC के संविदा कर्मचारी की संदिग्द्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शव भी छह दिन बाद मिला। ऐसे में परिवार के लोगों ने हत्या का आरोप लगाया और जमकर हंगामा कर किया। परिजनों और गांव वासियों के तेवर को देखते हुए पुलिस ने पिछले द्वार से शव को निकाला और पोस्टमार्टम हाउस पहुंचवा दिया। इसकी भनक लगते ही परिवारजन और ग्रामीण और उत्तेजित हो गए।

एनटीपीसी विंध्याचल के मृत संविदा कर्मी अजीत दुबे के भाई विनीत दुबे का आरोप है कि मेरे भाई की हत्याकर शव को फेंका गया है। पुलिस व एनटीपीसी छह दिन तक सर्चिंग का ढोंग करती रही। उन्हें लगा कि परिजन व ग्रामीण ऐसे शांत होने वाली नहीं है तब जाकर खुदकुशी का नाटक रचा गया है। शव को कूलिंग टावर की जाली में डाला गया है। हमें पैसा नहीं भाई के लिसे न्याय चाहिए।

उन्होंने कहा कि पहले हमें अंदर नहीं जाने दिया गया। हम गेट पर खड़े होकर शव के आने का इंतजार कर रहे थे। लेकिन पुलिस गुमराह करती रही। इसके बाद सामने के गेट से शव को न लाकर लेबर गेट से पीएम के लिए पोस्टमार्टम हाउस लाश घर लाया गया। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि पुलिस की एनटीपीसी प्रबंधन के साथ मिलीभगत है। पुलिस एनटीपीसी प्रबंधन को अभी तक बचाती आ रही है। आगे भी पुलिस वही करेगी जो एनटीपीसी प्रबंधन चाहेगा। इसलिए हम लोगों की चाहत है कि जिस तरह से मेरे भाई की हत्या हुई है उसकी पुनरावृत्ति किसी अन्य के साथ न हो। लिहाजा प्रशासन एनटीपीसी प्रबंधन के विरूद्ध इस मामले में सख्त जांच कराएं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मेरे भाई को न्याय दिलाए।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनकर ने बताया कि विंध्यनगर थाना की पुलिस बुधवार की सुबह सर्चिंग कर रही थी। इस दौरान कूलिंग टावर की जाली में फंसी गोल चीज दिखी। वहां से बदबू भी आ रही थी। शक होने पर टीम ने पास जाकर गौर से देखा तो शव फंसा होने का अंदेशा हुआ। शक पुख्ता होते ही उक्त कर्मियों ने इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही घटना स्थल पर एसपी, कलेक्टर, सीएसपी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। वहां एनटीपीसी के लोग भी मौजूद थे। इसके बाद शव मिलने की सूचना मृतक अजीत दुबे के पिता सहित अन्य परिजनों को दी गई। साथ ही उन्हें वाहन से एनटीपीसी प्लांट के अंदर ला कर शव की शिनाख्त कराई गई। परिजनों के शव की पहचान करते ही उसे निकालने की कार्रवाई शुरू हुई। इसके लिए कूलिंग टावर को बंद कराया गया। इसके बाद जाली को उखाड़ कर काफी देर की मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला गया।

अजीत की हत्या हुई है या फिर उसने आत्महत्या की है, पुलिस इसकी जांच करा रही है। पुलिस की जांच अब पूरी तरह से पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बिसरा जांच की रिपोर्ट के आधार पर आगे बढ़ेगी। यदि अजीत की हत्या हुई है तो फिर पीएम और बिसरा रिपोर्ट में इस बात की जानकारी सामने आ जाएगी। जिस कूलिंग टॉवर में शव मिला है, उसके पानी का नमूना भी लिया गया है। पुलिस का तर्क है कि मौत से पहले अजीत कूलिंग टावर गिरा होगा तो उसके पेट से टावर का पानी निकलेगा। यदि मौत के बाद गिरा होगा तो उसके पेट से टावर का पानी नहीं निकलेगा। पुलिस सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच को वैज्ञानिक आधार पर आगे बढ़ा रही है।

पुलिस अधीक्षक ने कि मृतक अजीत दुबे के परिजनों ने एनटीपीसी प्रबंधन से बात करने की इच्छा जाहिर की थी। इसके बाद एनटीपीसी एचआर हेड उत्तम लाल को बुलाया गया। लाल के आने के बाद मृतक के पिता ने उनके समक्ष तीन मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि मेरी इच्छा है कि मेरा लड़का स्किल्ड कर्मचारी था, उसकी मौत ड्यूटी के दौरान हुई है लिहाजा एक व्यक्ति को नौकरी दी जाए। दूसरे उचित क्षतिपूर्ति दिलाई जाए। इसके अलावा मेरे बेटे की मौत कैसे हुई इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए। एचआर हेड ने कहा कि मृतक ठेकेदार का कर्मचारी था। इसलिए लेबर कानून के तहत जो भी क्षतिपूर्ति होगी शीघ्र दिलवाई जाएगी। फिलहाल एक लाख रूपया तात्कालिक खर्च करने के लिए दिए जा रहे हैं। इसके अलावा एक आदमी को नौकरी भी दी जाएगी।

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