कोल परिवहन से प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए क्षेत्र का संरचनात्मक विकास जरूरी

प्रयागराज में ओवर साइट कमेटी की बैठक...

By: Ajeet shukla

Published: 27 Nov 2019, 12:27 PM IST

सिंगरौली. कोल परिवहन से ऊर्जाधानी में हो रहे प्रदूषण सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा को लेकर एनजीटी की ओवर साइट कमेटी ने कंपनी प्रतिनिधियों व ट्रांसपोर्टरों के साथ बैठक की। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित बैठक में इस बार ट्रांसपोर्टर व मोटर मालिक खुल कर बोले। इधर चेयरमैन ने कंपनी प्रतिनिधियों को निर्धारित नियमों व निर्देशों के त्वरित पालन का निर्देश दिया।

प्रयागराज के सर्किट हाउस में चेयरमैन राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में एक ओर जहां कंपनियों के प्रतिनिधि से जारी निर्देशों के पालन में की जा रही आनाकानी को लेकर जवाब सवाल किए गए। वहीं दूसरी ओर ट्रांसपोर्टरों और मोटर मालिकों ने इस बार खुल कर अपनी बात रखी। बैठक में उनकी ओर से कहा गया कि जितना दबाव ट्रांसपोर्टरों व मोटर मालिकों पर बनाया जा रहा है।

उतना ध्यान क्षेत्र के संरचनात्मक विकास पर दिया जाए तो कोल परिवहन से होने वाले प्रदूषण से राहत मिल जाएगी। बैठक में प्रतिनिधियों ने दलील दिया कि कोल परिवहन के समय प्रदूषण खराब सडक़ों की वजह से हो रहा है। सडक़ों को दुरुस्त करा दिया जाए तो 90 फीसदी से अधिक प्रदूषण कम हो जाएगा। कहा गया कि कंपनियों से करोड़ों का बजट डीएमएफ के रूप में मिल रहा है, लेकिन इस बजट का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है।

इस बजट के थोड़े से हिस्से से न केवल खस्ताहाल सडक़ों को दुरुस्त किया जा सकता है। बल्कि कोल परिवहन के लिए अलग से सडक़ भी बनाई जा सकती है, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। गौरतलब है कि प्रयागराज में कमेटी की बैठक सर्वोच्च न्यायालय के एक आदेश के मद्देनजर आयोजित की गई। आदेश में कमेटी से कहा गया है कि वह सभी का पक्ष सुनकर न्यायालय को अवगत कराएं।

डीएमएफ खर्च के मानिटरिंग की मांग
बैठक में डीएमएफ के खर्च की मॉनिटरिंग किए जाने की मांग भी की गई। कहा गया कि बजट करोड़ों में है और न जाने कहां खर्च किया जा रहा है। बजट के खर्च की निगरानी के लिए भी एनजीटी की ओर से एक समिति का गठन किया जाना चाहिए। कमेटी की नजर बजटके खर्च पर रहेगी तो उसका सही उपयोग हो सकेगा।

कोल परिवहन से पल रहे कई परिवार
बैठक के दौरान यह भी दलील दी गई कि सडक़ मार्ग से कोल परिवहन बंद नहीं किया जाए। क्योंकि इस व्यवसाय से सैकड़ों परिवार पल रहे हैं। रही बात प्रदूषण की तो वह सडक़ों को बेहतर बनाकर रोका जा सकता है। जिम्मेदारों का ध्यान संरचनात्मक विकास पर होना चाहिए न कि सडक़ मार्ग से कोल परिवहन बंद करने पर।

Ajeet shukla Reporting
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