औद्योगिक कंपनियों में होने वाली दुर्घटनाओं के मद्देनजर तैयार होगा विशेष राहत पैकेज

केंद्रीय मंत्री ने दिया निर्देश ....

By: Ajeet shukla

Updated: 09 Jan 2021, 11:15 PM IST

सिंगरौली. जिले के विकास के लिए सभी को मिलकर पहल करनी होगी। औद्योगिक कंपनियों में आकस्मिक रूप से होने वाली दुर्घटनाओं में मृतक से संबंधित परिवार को समान रूप से राहत राशि का पैकेज देने की नीति तैयार करने की जरूरत है। जिले के प्रवास पर आए केंद्रीय इस्पात मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक के दौरान यह बात कही।

जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के साथ औद्योगिक कंपनियों के प्रतिनिधियों बैठक में उन्होंने कहा कि औद्योगिक कंपनियों में होने वाली दुर्घटनाओं को आम दुर्घटना के रूप में नहीं लिया जाए। केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते के अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सीधी-सिंगरौली सांसद रीति पाठक के अलावा जिले के तीनों विधायक उपस्थित रहे। गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री यहां अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत अधिवेशन में शामिल होने आए हैं। शनिवार को उन्होंने देर शाम अधिवेशन का उद्घाटन भी किया।

जिले के विकास सहित पुनर्वास नीति के संबंध में मंत्री ने औद्योगिक कंपनियों के प्रतिनिधियों से कहा कि वह जिला प्रशासन के निर्देशों पर अमल करें। पुनर्वास नीति के अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार सहित प्रमुख बिन्दुओं पर जानकारी लेने के बाद उन्होंने कहा कि जिले में जहां इतने बड़े पैमाने पर औद्योगिक कंपनियां संचालित हैं। वहीं जिले का समग्र विकास अभी भी उस गति से नहीं हो पाया है, जितनी आवश्यक है। कहा कि सभी को मिलकर जिला के विकास में सभी अपना योगदान देना होगा।

मेडिकल कालेज व केंद्रीय विद्यालय के संचालन के लिए कंपनियों को भी आगे आना होगा। जिले के समग्र विकास के लिए उन्होंने योजना तैयार कर उसे आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कंपनियों से विस्थापित होने वाले व्यक्तियों के लिए पुनर्वास नीति के तहत संपूर्ण सुविधाएं प्रदान कराई जाएं। प्राथमिकता के आधार पर विस्थापित होने वाले व्यक्तियों को रोजगार मुहैया कराया जाए।

औद्योगिक कंपनियों में प्रथम वरियता जिले के बेरोजगार युवकों को दिया जाए। कहा कि आकस्मिक रूप से कंपनियों में दुर्घटनाएं हो जाती हैं तो ऐसी स्थिति में कंपनियों द्वारा दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति या उसके परिवार को जो आर्थिक सहायता राशि दी जाती है वह भिन्न-भिन्न है। ऐसी जानकारी मिली है कि इसे दूर करने के लिए जनप्रतिनिधियों के साथ जिला प्रशासन औद्योगिक कंपनी मिलकर एक पालिसी तैयार करें जो सभी कंपनियों में एक समान लागू की जाए।

साथ ही विस्थापित होने वाले व्यक्तियों के भूमि या मकान का जो राहत राशि होती है बिना रुकावट या बिना विवाद के विस्थापित व्यक्ति को मिल सके। इसके लिए जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाए। ताकि परदॢशता के साथ लाभ प्राप्त हो सके। साथ ही सीएसआर से जो भी विकास के कार्य हों उसमें भी जनप्रतिनिधियों के विचार या मार्गदर्शन को लिया जाए। बैठक के दौरान सासंद ने जिले में प्रदूषण के संबंध में अवगत कराते हुए कहा कि सभी को मिलकर होने वाले प्रदूषण से बचाव के लिए कार्य करना होगा।

इस संबंध में मंत्री ने कहा कि कोल परिवहन रेलवे साइडिंग या कन्वेयर से करने की व्यवस्थाएं की जाए। जिससे प्रदूषण से निजात मिल सके। वहीं बैठक में उपस्थित सिंगरौली विधायक रामलल्लू वैश्य, देवसर विधायक सुभाष रामचरित्र वर्मा, चितरंगी विधायक अमर सिंह व धौहनी विधायक कुंवर सिंह टेकाम ने भी जिले में बेरोजगारी व प्रदूषण पर अपने विचार रखे।

बैठक के पूर्व में कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने जिले में हो रहे विकास कार्यों से मंत्री को अवगत कराया गया। बैठक के दौरान एसपी बीरेंद्र सिंह के अलावा सिंगरौली विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष गिरीश द्विवेदी, बीरेन्द्र मिश्रा, नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष सीपी विश्वकर्मा, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष राधा सिंह, जिला पंचायत सीईओ साकेत मालवीय, नगर निगम आयुक्त आरपी सिंह समेत औद्योगिक कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Ajeet shukla Reporting
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