सब्जी की दुकान हटवाने गई पुलिस पर फूटा आक्रोश, महिलाओं ने किया पथराव, भागे अधिकारी

बैढऩ थाना क्षेत्र में सड़क के किनारे लगाई गई थी दुकान, एसडीएम के साथ पहुंची थी पुलिस व नगर निगम अमला

By: Amit Pandey

Updated: 10 May 2021, 01:27 PM IST

सिंगरौली. हिर्रवाह बस्ती में पुल के पास सड़क के किराने सब्जी की दुकान लगाकर बैठी महिलाओं के साथ पुलिस व प्रशासनिक टीम को बदसलूकी करना भारी पड़ गया। दुकान हटाने को लेकर की गई बदसलूकी से आक्रोशित महिलाएं एकजुट होकर पुलिस पर टूट पड़ी और पथराव करना शुरू कर दिया। पहले तो पुलिस ने भी पथराव के जरिए मुकाबला करने की कोशिश की, लेकिन जब सब्जी विक्रेता महिलाओं के बच्चों व युवाओं की भीड़ बढ़ गई तो पुलिस और साथ पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भाग खड़े हुए। पथराव में अधिकारियों के वाहन को भी क्षति पहुंची है।

घटना के संबंध में बताया गया कि कोरोना कफ्र्यू का पालन कराने भ्रमण पर निकली पुलिस को सूचना मिली कि हिर्रवाह में सड़क पर कई सब्जी की दुकान लगी हुई है। पुलिस ने इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी। अधिकारियों ने सूचना को गंभीरता से लिया और एसडीएम ऋषि पवार व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनकर, कोतवाली प्रभारी अरूण पाण्डेय पुलिस बल व नगर निगम की टीम के साथ मौके के लिए रवाना हुए। वहां पहुंचने के बाद पुलिस के जवानों ने महिला विक्रेताओं से सब्जी की दुकान हटाने को कहा, लेकिन कोई भी दुकान हटाने को तैयार नहीं हुआ। उनकी दलील रही कि सब्जी की दुकान नहीं लगाएंगे तो खाएंगे क्या।

महिलाओं की इस दलील को पुलिस ने नजरअंदाज करते हुए कहा कि गाइडलाइन के अनुसान दुकान नहीं लगाई जा सकती है। यह कहते हुए जब पुलिस ने बल प्रयोग किया तो महिला सब्जी विक्रेता आक्रोशित हो चुकी। पहले तो महिलाओं और पुलिस कर्मियों के बीच कहासुनी शुरू हुई, लेकिन थोड़ी ही देर में महिलाओं ने उग्र रूप ले लिया और पुलिस पर पथराव करने लगी। पुलिस के जवानों ने भी पथराव से महिला विक्रेताओं का जवाब देना चाहा, लेकिन महिलाओं के समर्थन में गांव की भीड़ आ गई। बाकी दूसरी महिलाओं और बच्चों ने भी पथराव शुरू कर दिया। नतीजा पुलिस और कुछ दूरी पर खड़े अधिकारियों को भागना पड़ा। पथराव में अधिकारियों के दो वाहनों शीशे भी टूट गए। 4 दिन पहले देवसर में भी पुलिस व दुकानदारों के बीच झड़प का मामला प्रकाश में आया था। जियावन पुलिस पर देवसर बाजार में व्यापारियों की पिटाई करने का आरोप लगा था।

महिला विक्रेताओं ने लगाया बदसलूकी का आरोप
सब्जी बेच रही महिलाओं ने पुलिस पर बदसलूकी का आरोप लगाया है। महिलाओं का कहना है कि लॉकडाउन की जानकारी उन्हें है, लेकिन वह सब्जी बेचना बंद कर देंगी तो परिवार का पालन पोषण कैसे करेंगी। यही वजह है कि सुबह के कुछ घंटे गली-मोहल्लों में घूम कर सब्जी बेचते हैं और बची सब्जी सड़क के किनारे रख कर दूर घर में रहते हैं। कोई खरीददार आता है तो आकर दे देते हैं। विक्रेताओं का कहना है कि पुलिस के निर्देश पर वह दुकान हटा ही रही थी कि पुलिस वालों ने गली-गलौज देना शुरू कर दिया। इसी बात को लेकर जब कहासुनी हुई तो लाठी बरसाने लगी और फिर बात बिगड़ गई।

भारी बल के साथ पहुंची पुलिस
महिला विक्रेताओं की ओर से किए गए पथराव के चलते उस समय तो पुलिस भाग गई, लेकिन थोड़ी देर में तीन थानों की पुलिस के साथ अधिकारी वापस लौटे। हालांकि तब तक भीड़ तितर बितर हो चुकी थी। पुलिस ने घोषणा करते हुए सब्जी के साथ अन्य किसी भी तरह की दुकान नहीं खोलने की हिदायत दी। इसके साथ ही वहां एक दर्जन की संख्या जवानों को तैनात कर दिया गया। घटना के संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनकर का कहना है कि हिर्रवाह पुल के पास कुछ लोग सब्जी की दुकान लगा रखे थे, जिससे वहां भीड़ इक_ा हो रही थी। दुकान बंद कराने गई पुलिस के साथ ग्रामीण महिलाओं ने पथराव किया है। इस मामले में शामिल लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। उन पर गाइडलाइन का उल्लंघन करने व शासकीय ड्यूटी में बाधा डालने के आरोप में प्रकरण दर्ज किया जाएगा।

आइजी ने दी है नसीहत, फिर भी हो रहा बवाल
लॉकडाउन के दौरान किसान, व्यापारी व सब्जी विक्रेताओं के साथ पुलिस सहजता के साथ पेश आए। रीवा रेंज के आइजी द्वारा इस तरह की पुलिस को नसीहत दी गई है। इसके बावजूद जिले में महज ४ दिन के अंतराल में इस तरह का दूसरा मामला प्रकाश में आया है और पुलिस पर बदसलूकी करने का आरोप लगा है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि कोरोना कफ्र्यू के मद्देनजर जारी गाइडलाइन का पालन कराने के लिए पुलिस को सख्त होना पड़ रहा है। केवल समझाइस देने से लोग नहीं मान रहे हैं।

Amit Pandey
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned