वसूल रहे मनमर्जी का मूल्य

आबकारी विभाग की ओर सेजारी लाइसेंस पर संचालित दुकानों में शराब का मूल्य ठेकेदारों की मर्जी से तय

By: मुकेश शर्मा

Published: 22 Dec 2015, 11:53 PM IST

सिरोही।आबकारी विभाग की ओर सेजारी लाइसेंस पर संचालित दुकानों में शराब का मूल्य ठेकेदारों की मर्जी से तय हो रहा है। ऐसे में निर्धारित से ज्यादा दाम वसूले जा रहे है। अधिकतर दुकानों के बाहर रेट लिस्ट तक लगी हुई नहीं है। जिससे यह पता लगाना ही मुश्किल होता है कि ब्रांड की वास्तविक कीमत क्या है। मनमर्जीसे चल रही इन दुकानों पर सेल्समैन ग्राहकों से मनमाफिक दाम वसूल रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।

शिथिलता दे रही शह

अधिकारियों की शिथिलता से ठेकेदारों को शह मिल रही है। ठेकेदार बेखौफ हो रहे हैं, जिससे जिलेभर में आबकारी अधिनियम की खुली अवेहलना हो रही है। अधिकारी कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे यह समझ से परे है।

चुपचाप जाने में ही भलाई

वैसे हर ब्रांड पर अधिकतम विक्रय मूल्य अंकित रहता है, लेकिन दुकानदार इससे ज्यादा ही वसूलते हैं। उदाहरण के तौर पर किसी बोतल पर 425 रुपए अंकित है तो उसके दाम 440 से 450 तक वसूले जाएंगे। ग्राहक हील-हुज्जत करते हुए दूसरी दुकान भी जा सकता है, लेकिन ज्यादा दाम जहां भी जाएंगे वहीं चुकाने पड़ेंगे। कई बार सेल्समैन से उलझना झगड़े का कारण भी बन सकता है। ऐसे में ग्राहक ज्यादा दाम देकर भी दुकान से निकलने में ही भलाई समझते है।

यह होना चाहिए

  नियमों के तहत दुकानों पर रेट लिस्ट लगाना जरूरी है।वह भी इस तरह से कि ग्राहक को आते ही पूरी तरह से नजर आए।

होता है यह

 अव्वल तो दुकानदार लिस्ट लगाते ही नहीं है और लगती भी है तो औपचारिकता के नाते ऐसे ब्रांड, जो यहां बिकते ही नहीं।

कार्रवाई करते हैं...

रेट लिस्ट लगाना जरूरी है। नहीं लगा रखी है तो कार्रवाई करते हैं। इस सम्बंध में जिला अधिकारी को निर्देशित कर रखा है।- सीएल श्रीमाली, अतिरिक्त आबकारी आयुक्त, जोधपुर
मुकेश शर्मा Reporting
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