scriptNegligence in sewerage work came to light only in the first rain of mo | मानसून की पहली बारिश में ही सामने आई सीवरेज कार्य में बरती गई लापरवाही | Patrika News

मानसून की पहली बारिश में ही सामने आई सीवरेज कार्य में बरती गई लापरवाही

मामूली बारिश में ही धंसने लगी सड़कें, भारी बारिश में बड़े हादसे की आशंका से नहीं इनकार

कई महीनों से 'पत्रिका' कर रहा था सीवरेज कार्य में बरती गई लापरवाही को उजागर

प्रशासन की अनदेखी सैलानियों व आम लोगों पर पड़ सकती है भारी

सिरोही

Published: June 14, 2022 04:05:10 pm

माउंट आबू. हिल स्टेशन माउंट आबू में कई सालों से जारी सीवरेज कार्य को लेकर लोगों की परेशानी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। उधर, मानसून की दस्तक के साथ ही प्रशासन की उदासीनता व सीवरेज ठेकेदार की लापरवाही के नतीजे भी सामने आने शुरू हो गए हैं। हालांकि, Òपत्रिकाÓ लम्बे समय से इस लापरवाही को लगातार उजागर करता रहा, पर प्रशासन की उदासीनता के चलते अब यह लापरवाही आमजनों व पर्यटकों के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है। मानसून की पहली बारिश में ही पेट्रोल पंप के पास घटिया कार्य के चलते सड़क किनारे लगे सीवरेज के चेम्बर में सोमवार को बड़ा खड्डा हो गया। वहां से गुजरने वाले लोगों की जान पर खतरा मंडराना शुरू हो गया। ऐसे हालात में किसी बड़े हादसे की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इतना ही नहीं, आबूरोड के तलहटी से माउंट आबू तक जिओ कम्पनी ने केबल लाइन डालने के लिए करवाई खुदाई से भी बड़े खतरे की आशंका बनी हुई है। पिछले साल भी सीवरेज कम्पनी की लापरवाही के कारण टोल नाके से पूर्व मुख्य सड़क पर 40 फीट गहरा खड्डा बन गया था। सड़क पूरी तरह धंस गई थी। लगातार तीन दिन तक माउंट आबू देश के अन्य हिस्सों से कट गया था। बावजूद इसके प्रशासन ने सबक नहीं लिया। फिर बारिश के शुरुआती दिनों में ही यही समस्या आनी शुरू हो गई है। हालांकि, सीवरेज कंपनी की लापरवाही के सिलसिले में पूर्व में कई बार लोगों ने ज्ञापन दिए, पर रसूखदार ठेकेदारों के खिलाफ आज तक अमल नहीं हुआ।
मानसून की पहली बारिश में ही सामने आई सीवरेज कार्य में बरती गई लापरवाही
मानसून की पहली बारिश में ही सामने आई सीवरेज कार्य में बरती गई लापरवाही
कई जगह लगाए गलत चेम्बर, घरों व होटलों में पानी घुसने की आशंका

शहर के कई स्थानों पर सेफ्टी टैंक व चेम्बर की ऊंचाई का मिलान नहीं किए जाने से अब होटल संचालकों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। आनन-फानन में सीवरेज कंपनी द्वारा चेम्बर लगाए जाने से अब ये बारिश के दिनों में ओवरफ्लो होने लगे हैं। ऐसे में शनिवार व रविवार को हल्की बारिश होने के बावजूद कई होटलों में पानी घुस गया। अतिवृष्टि होने की स्थिति में माउंट आबू में हालात बेकाबू होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
ट्रीटमेंट प्लांट भी लीकेज, स्कूल, तालाब, मंदिर व गोशाला पर असर

शहरवासी सीवरेज लाइन के समर्थन में हैं, पर रुडिप ने केन्द्र सरकार की 2009 में जारी की गई गाइडलाइन व एनजीटी के नियमों को ताक में रखकर पांच स्थानों पर नियम विरुद्ध लघु सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बना दिए। जो अब बारिश के दिनों में लोगों के लिए सरदर्द बन गए हैं। सरकारी गाइडलाइन के अनुसार किसी भी आवासीय कॉलोनी, मंदिर, विद्यालय व जल-स्रोत से 500 मीटर दूर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण करने के निर्देश दिए गए हैं। जबकि माउंट आबू में बनाए गए सभी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट आवासीय कॉलोनी के बीचों-बीच बने हुए हैं। इतना ही नहीं धमाणी में आदर्श विद्या मंदिर, वेध विद्यालय, शिव मंदिर व बड़े तालाब से महज दो फीट की दूरी पर प्लांट बनाया गया। अब यह ट्रीटमेंट प्लांट मामूली बारिश में ही रिसने से तालाब का पानी दूषित होने के साथ आस-पड़ोस में रहने वाले लोगों का जीना दुश्वार हो गया है।
2007 से शुरू की योजना कब पूरी होगी, कोई पता नहीं

चौदह साल पूर्व 23 जुलाई, 2007 को 34.37 करोड़ रुपये की लागत से शुरू की गई सीवरेज परियोजना को आज तक अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। 22 जुलाई, 2010 तक इस योजना को पूरा करना था, पर विपरीत परिस्थितियों के कारण यह बीच में ही ठप हो गई। ग्यारह साल बाद सरकार ने फिर से 60 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत कर रुडिप को फरवरी,2020 तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए, पर पूरा नहीं हुआ। बाद में सीवरेज कार्य में लगी कम्पनी ने फिर से 54 वर्ग किलोमीटर के दायरे में भूमिगत लाइन बिछाने का कार्य शुरू किया, लेकिन कई साल बीतने के बावजूद कार्य कछुआ चाल से ही चल रहा है।
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सीवरेज व जिओ कम्पनी की लापरवाही से अब सड़क किनारे खड्डे होने शुरू हो गए हैं। गलत चेम्बर लगने से होटलों में बारिश का पानी घुस रहा है। आगे से परेशानी और बढ़ सकती है।
- संजय विश्रा, अध्यक्ष, होटल एसोसिएशन, माउंट आबू

सीवरेज कम्पनी द्वारा अगर कहीं भी लापरवाही बरती गई है तो इसकी जांच करवाई जाएगी और बारिश के मुख्य सीजन से पूर्व सारी खामियों को दुरुस्त किया जाएगा।
- सुनील कुमार, जेईएन, रुडिप, माउंट आबू

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