आबूरोड : नौ दिन बाद भी रबर फैक्ट्री से उठ रहा है धुआं

आबूरोड : नौ दिन बाद भी रबर फैक्ट्री से उठ रहा है धुआं

Amar Singh Rao | Publish: Jun, 06 2017 12:14:00 PM (IST) Abu Road, Rajasthan 307026, India

आबूरोड. रीको ग्रोथ सेन्टर फेज-दो में रिक्लेम व क्रम्ब रबर बनाने की फैक्ट्री में लगी आग को पूरा एक सप्ताह बीतने के बावजूद अभी भी फैक्ट्री में से धुआं निकल रहा है।

रीको ग्रोथ सेन्टर फेज-दो में रिक्लेम व क्रम्ब रबर बनाने की फैक्ट्री में लगी आग को पूरा एक सप्ताह बीतने के बावजूद अभी भी फैक्ट्री में से धुआं निकल रहा है। आग लगने के बाद रेस्क्यू आपरेशन के दौरान करीब आधा दर्जन दमकल वाहनों ने आग बुझाने की मशक्कत की, पर न तो आग पर काबू पाया जा सका और न ही आग को बुझाया जा सका। आठवें दिन रविवार को भी फैक्ट्री में से रहृ-रहकर धुएं के गुबार उठते दिखाई दिए। हालांकि, फैक्ट्री के शेड में रखे पुराने कबाड़ टायरों व टायरों के बुरादे में लगी आग तभी बुझी, जब वे जलकर राख हो गए। फिर भी अभी तक रह-रहकर उठते धुएं ने यह साबित कर दिया है कि टायरों में लगने वाली आग को मामूली दमकल वाहनों से बुझाना आसान नहीं है। करीब सप्ताहभर जारी रही इस आग ने इंडस्ट्रीयल एरिया में अन्य फैक्ट्रियों की सुरक्षा को लेकर भी कई प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
सुरक्षा के लिए रीको में फायर स्टेशन जरूरी
विडम्बना यह है कि शहर में रीको के दो इंडस्ट्रीयल एरिया अर्बुदा व अम्बाजी इंडस्ट्रीयल एरिया और दो ग्रोथ सेन्टर है, पर रीको का इमरजेन्सी में आग बुझाने के लिए न तो कोई दमकल वाहन है और न ही दमकल केन्द्र। इंडस्ट्रीयल एरिया में कबाड़ टायरों से तेल निकालने की करीब दो दर्जन फैक्ट्रियां (पायरोलिसिस प्लांट) है। बेशक इन फैक्ट्रियों को फिलहाल राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने बंद करवा रखा है, पर अभी भी कई फैक्ट्रियों में कबाड़ टायरों के ढेर लगे पड़े हैं। खुदा-न-खास्ता उनमें कभी आग लग जाए तो क्या होगा, इसकी कल्पना ही करनी रही, क्योंकि रबर की एक ही फैक्ट्री में आग लगने पर छह-छह दमकल वाहन लगाने के बावजूद न तो आग पर काबू पाया जा सका और न ही बुझाई जा सकी। यह दीगर बात है कि सारा रबर जलने के बाद आग स्वत: काबू में आकर बुझ गई। हालांकि उसमें से अभी भी धुआं तो उठ ही रहा है।
गेल, आईओसी आदि के दमकल न हो तो...
बेशक गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया (गेल), इंडियन ऑयल कार्पोरेशन, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कम्पनी के अलावा जेकेपुरम् स्थिति जेके लक्ष्मी सीमेन्ट व बिनानीग्राम स्थित बिनानी सीमेन्ट इकाइयों के पास बड़े दमकल वाहन है और वे कहीं भीषण आग लगने पर मौके पर पहुंच भी जाते है। रबर की जिस फैक्ट्री में आग लगी, उससे महज फर्लांगभर की दूरी से ही क्रूड ऑयल व गैस की पाइपलाइनें गुजरती होने से इन कम्पनियों ने कोई कोताही नहीं बरती। यह दीगर बात है कि तीन वाहन हाईवे पर जाम में फंसने के कारण चार-पांच घंटे के विलम्ब से मौके पर पहुंच पाए, पर पहुंच जरूर गए। यदि रीको इंडस्ट्रीयल एरिया में ही दमकल केन्द्र व दमकल वाहन हो तो वे इमरजेन्सी में त्वरित पहुंच सकते है। पालिका के पास दमकल वाहन है, पर उसका पानी का टैंक बहुत छोटा होने से भीषण आग लगने पर उससे कोई अपेक्षा रखना भी बेकार है।

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