VIDEO : 'हाकम' पिये मिनरल वॉटर, आमजन को नसीब 'डर्टी' वाटर ... जानिए पूरी खबर

Mahesh Parbat | Updated: 21 May 2019, 10:40:54 PM (IST) Sirohi, Sirohi, Rajasthan, India

पानी की समस्या को लेकर कभी पंचायत समिति कार्यालय तो कभी जलदाय विभाग कार्यालय या नगरपालिका कार्यालय लोग चक्कर काटते हैं।


- सरकारी कार्यालयों में निजी आरओ प्लांट के मिनरल वाटर से होते है अधिकारियों के हलक तर
- क्षेत्र में कई स्थानों पर लोगों को पीने को नहीं मिल रहा शुद्ध जल
आबूरोड. शीर्षक पढ़ एक बार आप भी सोचने को विवश हो जाएंगे कि ये क्या वाकया है, लेकिन कुछ ऐसे ही हाल इन दिनों क्षेत्र में दिखाई दे रहे हैं। शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो कई स्थानों पर लोगों को पीने के लिए शुद्धजल नसीब नहीं हो रहा है, जहां कई खराब पड़े हैंडपम्पों से जंग वाला पानी तो कहीं अधिक फ्लोराइडयुक्त पानी पीने को लोग विवश है।
क्षेत्र में कई स्थान तो ऐसे है जिन्हें पानी ही नसीब नहीं हो रहा है। पानी की समस्या को लेकर कभी पंचायत समिति कार्यालय तो कभी जलदाय विभाग कार्यालय या नगरपालिका कार्यालय लोग चक्कर काटते हैं। अपना दुखड़ा अधिकारियों के समक्ष पेशकर इस उम्मीद के साथ घर की तरफ लौट जाते हैं कि अधिकारी व जनप्रतिनिधि उनकी समस्या का निराकरण प्रमुखता से करेंगे, लेकिन लोगों की समस्या अनसुनी ही रह जाती है। वहीं बात करें सरकारी कारिंदों की जिनके जिम्मे क्षेत्र की आमजनता को पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा मुहैया करवाने की जिम्मेदारी है, वे स्वयं तो निजी आरओ प्लांटों का मिनरल वॉटर पीकर हलक तर कर रहे हैं, पर जनता के हिस्से आ रहा है अशुद्ध जल। ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि आमजन को शुद्ध पानी मिले तो मिले कैसे।
विभागीय आरओ प्लांट के सेम्पल भी फैल
राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल गुणवत्ता कार्यक्रम के तहत आबूरोड स्थित जिला स्तरीय प्रयोगशाला की ओर से जांच में शामिल किए गए ग्रामीण क्षेत्रों के सरकार की ओर से लगाए गए आरओ प्लांट के माध्यम से उपलब्ध करवाया गया पानी भी शामिल है। इसमें केमिकल सेम्पल जांच में शहरी क्षेत्र के ६९ व ग्रामीण क्षेत्र के १७९ वहीं बेक्ट्रीयोलॉजिकल जांच में शहरी क्षेत्र के ग्यारह व ग्रामीण क्षेत्र के ५९ सेम्पल फेल हो चुके हैं।
इन स्थानों पर हो चुकी है दूषित जलापूर्ति
शहर व ग्रामीण क्षेत्र में पिछले कुछ समय में कुछ स्थानों से दूषित जलापूर्ति की शिकायत की जा चुकी है। वहीं कई स्थानों पर हैंडपम्पों से शुद्ध नसीब नहीं हो रहा है। कई स्थानों पर लगे आरओ प्लांट की भी समय पर देखरेख नहीं होने से लोगों को अशुद्ध जल ही पीना पड़ रहा है। शहर के सांतपुर गांव में लगे आरओ प्लांट के खराब होने से पिछले कुछ दिनों से बिना फिल्टर पानी ही मिल रहा है, कुछ ऐसी ही स्थिति तरतोली स्थित आरओ प्लांट की है। शहरी क्षेत्र की बात करें तो पूर्व में वार्ड १६ गुजराती मोहल्ला, गुरुनानक कॉलोनी, गांधीनगर में पूर्व में दूषित पानी की आपूर्ति हो चुकी है, हालांकि शिकायत के बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए समस्या का निराकरण किया। लाइनों की समय पर मरम्मत न होकर लीकेज होना भी दूषित जलापूर्ति का मुख्य कारण है। ग्रामीण क्षेत्र के क्यारिया, मोरथला गांव में कुछ स्थानों पर हैंडपम्पों में जंग वाला पानी आने की समस्या आ रही है।

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