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सिरोही. ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं के लिए शिक्षा विभाग भले ही स्कूलों के खेल मैदान विकसित करने का दावा कर रहा है लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण खमियाजा छात्रों को उठाना पड़ रहा है। जिले के अधिकांश स्कूलों के खेल मैदान बदहाल या नहीं होने से विद्यार्थियों को अभ्यास करवाने के लिए शिक्षकों को अन्य जगह झोली फैलानी पड़ रही है। ऐसी ही स्थिति जिला मुख्यालय के समीप रुखाड़ा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की है। यहां पर खेल मैदान का अभाव होने के कारण विद्यार्थियों व शिक्षकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्कूल का परिसर छोटा होने के कारण खेलकूद संभव नहीं है। खेल मैदान का अभाव होने के बावजूद इस स्कूल से हर साल हैण्डबॉल में तीन से चार खिलाड़ी राज्य स्तर पर दमखम दिखाते हैंं। शारीरिक शिक्षक वेरसिंह ने बताया कि छात्र एथलेटिक्स में भी अच्छा प्रदर्शन करते हैं। छोटे से परिसर में पहली से बारहवीं तक की कक्षाएं संचालित हैं। इसमें 230 विद्यार्थी अध्यनरत हैं।
अधिकांश स्कूलों में खेल मैदान उबड़-खाबड़ होने के कारण प्रतिभाओं को परेशानी हो रही है। बबूल की झाडिय़ां व कचरा पड़ा रहता है।
&खेल मैदान नहीं होने से विद्यार्थियों को अभ्यास करवाने के लिए परेशानी तो होती है। ग्राम पंचायत को खंदरा स्कूल के नाम खेल मैदान आवंटित करने की मांग की हुई है। बाकी सभी सुविधाएं पर्याप्त हैं। 2019 में दसवीं व बारहवीं बोर्ड का परीक्षा परिणाम की शत-प्रतिशत रहा।
अन्नाराम मोबारसा, प्रधानाचार्य, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रुखाड़ा, सिरोही
Published on:
10 Feb 2020 10:04 pm
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