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भरत कुमार प्रजापत @ सिरोही(मंडार). राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय झालमपुरा (रायपुर) में शिक्षकों की कमी को लेकर सोमवार को ग्रामीणों ने स्कूल गेट पर ताला जडकऱ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बताया कि पहली से आठवीं तक स्कूल में केवल एक ही शिक्षक कार्यरत है। वहीं सरकारी कार्य होने पर एक शिक्षक भी कहीं चले जाते हैं तो स्कूल रामभरोसे चलती है। ऐसे में विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। सरकारी गतिविधियां अधिक होने के कारण एक शिक्षक उसी कार्य में लगे रहते हैं। ऐसे में स्कूल में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। हालांकि, दो-तीन कक्षाएं शामिल बैठाकर पढ़ाई करवाई जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि जिलेभर में कई ऐसी स्कूल भी हैं जहां पर आवश्यता से अधिक शिक्षक लगे हुए हैं। लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण इस गांव में पिछले कई दिनों से शिक्षकों की कमी होने से शिक्षक व विद्यार्थियों को भारी परेशानी हो रही है।
स्कूल में 70 का नामांकन
स्कूल में कुल 70 का नामांकन है। शिक्षक किसी कार्य से बाहर चले जाने के कारण अधिकांश विद्यार्थी स्कूल में आते भी नहीं है। ऐसे में स्कूल का नामांकन भी धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण दूसरी स्कूल भी नहीं है। ऐसे में अभिभावकों को मजबूरन बच्चों सरकारी स्कूल में पढ़ाना पड़ रहा है। हालांकि, स्कूल में मूलभूत सुविधा सभी उपलब्ध है। स्कूल में कुल छह पद स्वीकृत है। इसमें से केवल एक ही शिक्षक कार्यरत है। प्रदर्शन के दौरान प्रतापसिंह, रिदाराम कलबी, भावाराम, शंकरराम, पंकज कुमार, लसाराम मेघवाल, मफाराम सुथार, बगाराम, खेताराम आदि मौजूद थे।
&शिक्षकों की कमी होने के कारण परेशानी हो रही है। पिछले दिनों हुई काउंसलिंग में तीन शिक्षक अन्य जगह स्थानांतरण होने के कारण यहां पर पद खाली हो गए हैं। स्कूल का अधिकांश समय तो सरकारी काम-काज में निकल जाता है। ग्रामीणों ने मिलकर आज प्रदर्शन किया था।
आम्बालाल, संस्था प्रधान , झालमपुरा
&गांव में एक मात्र सरकारी स्कूल है। लेकिन एक शिक्षक कार्यरत होने के कारण छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इस समस्या को लेकर कई बार शिक्षा विभाग व उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया। लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। ऐसे में मजबूरन होकर यह कदम उठाना पड़ा।
वालाराम चौधरी, समाजसेवी, झालमपुरा
Updated on:
16 Oct 2018 11:31 am
Published on:
16 Oct 2018 11:31 am
