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सिरोही

Sirohi News : खेल स्टेडियम बने तो खिलाड़ियों की उम्मीदों को लगे पंख, स्कूलों के मैदानों में अभ्यास को मजबूर खिलाड़ी

Rajasthan News : राजस्थान सरकार खिलाड़ियों को खेलों में आगे बढ़ाने के दावे तो कर रही है, लेकिन सिरोही जिले के शिवगंज शहर में खिलाड़ियों को अभ्यास करने के लिए खेल स्टेडियम तक नहीं हैं। ऐसे में सैकड़ों खिलाड़ी स्कूलों के खेल मैदानों में ही अभ्यास करने को मजबूर हैं।

सिरोहीJun 15, 2024 / 03:52 pm

Omprakash Dhaka

मनोज शर्मा। प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को खेलों में आगे बढ़ाने के दावे तो कर रही है, लेकिन सिरोही जिले के शिवगंज शहर में खिलाड़ियों को अभ्यास करने के लिए खेल स्टेडियम तक नहीं हैं। ऐसे में सैकड़ों खिलाड़ी स्कूलों के खेल मैदानों में ही अभ्यास करने को मजबूर हैं। हालांकि गत सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन विधायक संयम लोढ़ा के प्रयास से खेल स्टेडियम निर्माण के लिए चांदाना के समीप करीब साढ़े अठारह बीघा भूमि का आवंटन कर स्टेडियम के निर्माण के लिए बजट घोषणा के अनुरूप आठ करोड़ रूपए स्वीकृत भी कर दिए थे। इसकी पहली किस्त के रूप में सार्वजनिक निर्माण विभाग को डेढ़ करोड़ रुपए मिल भी चुके, मगर लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से मामला खटाई में पड़ गया।
अब चुनाव सपन्न होने के बाद खिलाडियों को स्टेडियम निर्माण की फिर से उम्मीद जागी है। यदि शिवगंज में खेल स्टेडियम बन जाए तो उनकी लंबे समय से चली आ रही यह मांग पूरी होने के साथ ही क्षेत्र के खिलाड़ियों को अभ्यास कर आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। गौरतलब है कि खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से खिलाड़ियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को मूर्त रूप देने को लेकर गत कांग्रेस सरकार के समय सिरोही के तत्कालीन विधायक संयम लोढ़ा के प्रयास से राज्य सरकार ने सितंबर 2023 में चांदाना गांव में खेल स्टेडियम का निर्माण करवाने के लिए करीब साढ़े अठारह बीघा भूमि का आवंटन करवाया था। भूमि का आवंटन होने के साथ ही सरकार ने स्टेडियम निर्माण के लिए मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के अनुरूप इसी वर्ष आठ करोड़ रूपए की वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी। खेल स्टेडियम के निर्माण का कार्य यथाशीघ्र शुरू हो सके, इसके लिए पहली किस्त के रूप में सार्वजनिक निर्माण विभाग को डेढ़ करोड़ रूपए की राशि भी दे दी गई।

दशकों से पवेलियन मैदान में कर रहे अभ्यास

यहां खेलों को प्रोत्साहन देने की कोई कमी नहीं है। इस शहर में कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने संसाधनों के अभाव के बावजूद राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपना दमखम दिखाया है। इतना ही नहीं जब क्रिकेट परवान पर चढ़ रहा था, उस समय यहां के स्कूल खेल मैदान जिसे अब पवेलियन मैदान कहा जाता है, उस मैदान पर डॉ एनयू अमलाडी क्रिकेट प्रतियोगिता जो कि अंतर्राज्यीय प्रतियोगिता होती थी, उसका आयोजन होता था। जिसमें गुजरात व महाराष्ट्र से क्रिकेट टीमें भाग लेने आती थी। यहां तक कि यहां राज्य स्तर की एथलेटिक प्रतियोगिता का भी सफल आयोजन हो चुका। वर्तमान में भी यहां के खिलाड़ी स्कूल के इसी पवेलियन मैदान का उपयोग करते हैं, लेकिन स्टेडियम बन जाए तो खिलाड़ियों को अच्छे मैदान के साथ ही पर्याप्त खेल सुविधाएं मिल सकेगी और वे आगे बढ़कर जिले का नाम रोशन कर सकेंगे।

इनका कहना है

शिवगंज में खेल स्टेडियम के लिए आवंटित भूमि पर स्टेडियम निर्माण के लिए कांग्रेस सरकार के समय मुख्यमंत्री बजट घोषणा के तहत बजट का आवंटन हो गया था। इस संबंध में मैंने जिला कलक्टर से शीघ्र ही इस भूमि का तरमीम करवाने का आग्रह किया है, ताकि टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ हो सके।
– संयम लोढा, पूर्व विधायक, शिवगंज-सिरोही

खिलाडियों को प्रोत्साहित करने के लिए यहां स्टेडियम बनाने के लिए जहां भूमि का आवंटन हुआ है। वहां शीघ्र ही स्टेडियम बनाने की कार्रवाई शुरू करनी चाहिए। ताकि यहां पर फुटबॉल सहित अन्य खेलों के लिए खिलाडियों को उचित माहौल मिल सके।
– नरेन्द्र परिहार, पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी

पूर्व विधायक संयम लोढा के प्रयास से चांदाना के समीप स्टेडियम निर्माण के लिए भूमि का आवंटन व बजट स्वीकृत हो चुका है। लोकसभा चुनावों के तत्काल बाद प्रशासन को यहां स्टेडियम निर्माण की कार्रवाई प्रारंभ करनी चाहिए।
– जगवीरसिंह गोहिल, पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी

डेढ़ दशक बाद भी इंडोर स्टेडियम की आस अधूरी

शहर में खेलों को बढावा देने के उद्देश्य से आज से करीब 15 वर्ष पूर्व नगर पालिका क्षेत्र में तहसील कार्यालय के सामने इंडोर स्टेडियम बनाने के लिए जिला कलक्टर की ओर से भूमि का आवंटन किया गया था। इंडोर स्टेडियम बनाने के लिए आवंटित इस भूमि पर कोई अतिक्रमण नहीं हो, इसके लिए इसके चारों तरफ चारदीवारी का निर्माण करवाया गया है, लेकिन डेढ़ दशक बाद भी यहां इंडोर स्टेडियम नहीं बन सका है।

आचार संहिता की वजह से अटका काम

इसी बीच राज्य में विधानसभा चुनावों के लिए आचार संहिता लग गई। जिसके चलते स्टेडियम निर्माण का जो कार्य प्रारंभ होना था वह अटक गया। चुनावों के बाद प्रदेश में सरकार भी बदल गई। इसके बाद किसी ने इस दिशा में ध्यान नहीं दिया। परिणाम स्वरूप जो कार्य प्रारंभ होना चाहिए था, वह नहीं हो सका। इस बीच लोकसभा चुनावों का बिगुल भी बज गया और मार्च में लोकसभा चुनावों के लिए आचार संहिता लागू हो गई। इस वजह से खिलाड़ियों की उम्मीदों को पंख नहीं लग सके।

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