वक्त की मार ने राधादेवी की पलट दी जिंदगी, दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर

वक्त की मार ने राधादेवी की पलट दी जिंदगी, दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर

Amar Singh Rao | Updated: 13 Jun 2017, 10:17:00 AM (IST) Sirohi, Rajasthan, India

वक्त की मार इंसान की जिंदगी पलट देती है। कुछ ऐसी ही स्थिति कस्बे में राधादेवी रेबारी की है। करीब दो साल पहले सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था। परिवार में पति पोसाराम व तीन बच्चे थे, लेकिन किस्मत को कुछ और की मंजूर था। डेढ़ साल पहले ही पोसाराम की बीमारी के कारण मृत्यु हो गई। ऐसे में राधादेवी पर दुखों का पहाड़ पड़ गया। वर्तमान में केवल 500 रुपए विधवा पेंशन मिल रही है। इसके अलावा सरकारी योजनाओं में कुछ लाभ नहीं मिल रहा है। परिवार का लालन-पालन करने के लिए वह मनरेगा में मजदूरी करती है, लेकिन उसकी भी मजदूरी नहीं मिली है। राधादेवी का मकान जर्जर हालत में होने के कारण उसके पति के बड़े भाई पुनमाराम ने खुद की जमीन पर टीन शेड बनाकर जगह दी। हर मौसम में वह तीन बच्चों के साथ टीन शेड में रहती है। विडम्बना यह है कि उसेे न तो बीपीएल से जोड़ा है और न ही खाद्य सुरक्षा में नाम है। बड़ी लड़की रतनी कुमारी (11), दूसरी नाजू कुमारी (8) और लड़का नाथाराम (5) हैं।

इन्होंने बताया...
जानकारी प्राप्त कर विधवा को नियमानुसार योजना का लाभ दिलवाने की कोशिश करेंगे।
देवलदेवी कोली, सरपंच भटाणा

आगामी 19 जून को भटाणा में न्याय आपके द्वार शिविर लगेगा। उसे सरकारी योजना के तहत लाभ दिए जाएंगे।
शैलेन्द्रसिंह, एसडीएम रेवदर 

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