आबूरोड-आदिवासियों के लिए दो आलिशान भवन शीघ्र

आबूरोड-आदिवासियों के लिए दो आलिशान भवन शीघ्र

Rajendra Singh Denok | Publish: Mar, 07 2017 10:30:00 AM (IST) Abu Road, Rajasthan, India

जनजाति के लोगों को खुद के मिलन समारोह, सामाजिक बैठकें, सामाजिक पंचायत, लोक-संस्कृति के कार्यक्रम एवं विभिन्न समारोह आयोजित करने में अब दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि शहर के दानवाव में जनजाति भवन का निर्माण कार्य तेजी से जारी है और यह दो मंजिला शीघ्र ही बनकर तैयार हो जाने की उम्मीद है।

आबूरोड. जनजाति के लोगों को खुद के मिलन समारोह, सामाजिक बैठकें, सामाजिक पंचायत, लोक-संस्कृति के कार्यक्रम एवं विभिन्न समारोह आयोजित करने में अब दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि शहर के दानवाव में जनजाति भवन का निर्माण कार्य तेजी से जारी है और यह दो मंजिला शीघ्र ही बनकर तैयार हो जाने की उम्मीद है। आदिवासियों को अब ऐसे कार्यक्रमों के लिए सुविधा युक्त स्थल नहीं खोजने पड़ेंगे। एक करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन यह भवन विभिन्न सुविधाओं से युक्त होगा। यहां तक कि उनके ठहरने, रात्रि विश्राम आदि की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रतापगढ़, डूंगरपुर व बांसवाड़ा में तो ऐसे सामुदायिक भवन बन चुके हैं, पर आबूरोड में इसका निर्माण कार्य जारी है। एक करोड़ रुपए के स्वीकृत बजट में से पचास लाख रुपए पीडब्ल्यूडी को हस्तांतरित किए हुए है और शेष राशि भी शीघ्र ही हस्तांतरित कर दी जाएगी।
भवन में होंगी ये सुविधाएं
दानवाव स्कूल व छात्रावास परिसर में इस प्रस्तावित दो मंजिला भवन में गेस्ट हाउस के साथ डोरमेटरी भी बनाई जाएगी, ताकि आदिवासी पुरुष व महिलाएं किसी कार्यवश आबूरोड आने पर उसमें रात्रि-विश्राम कर सकें। खाने की सुविधा के लिए कीचन भी बनेगा। सभा भवन व बैठक कक्ष भी होगा।  कई कमरें भी बनेंगे। भवन में आदिवासियों द्वारा उत्पादित माल की प्रदर्शनी लगाई जा सकेगी। सांस्कृतिक व समाजिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा सकेंगे। कुल मिलाकर शहर आने वाले आदिवासियों को इस भवन में तरह-तरह की सुविधाओं के लिए न तो इधर-उधर भटकना पड़ेगा और न ही ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ेगा। विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करने के लिए आसपास के गांवों से आने वाले आदिवासियों को ठहरने की सुविधा मिलने से काफी राहत मिलेगी।
अब सड़कों पर नहीं होंगे कार्यक्रम
आदिवासी बहुल क्षेत्र में पंचायती व चौपालें भवन के अभाव में अभी सड़कों पर होती है, लेकिन यह भवन बनने के बाद इस समस्या का निराकरण हो जाएगा। भवन बनने के बाद इसमें विभिन्न कार्यक्रम हो सकेंगे। भवन के निर्माण को लेकर सोमवार को पीडब्ल्यूडी एवं टीएडी के अधिकारियों ने दानवाव स्थित छात्रावास परिसर में भूमि का अवलोकन किया तथा नींव के लिए डीमार्केशन का कार्य शुरू कर दिया।
पहले मुदरला, अब दानवाव में
पूर्व में इस जनजाति भवन के लिए सरकार ने समीपवर्ती मुदरला गांव में भूमि आवंटित की थी, लेकिन  वह स्थल आदिवासियों की पहुंच में नहीं होने से अधिकारियों ने भवन वहां नहीं बनाने का निर्णय कर दानवाव में जनजाति छात्रावास परिसर की भूमि का चयन किया। अधिकारियों ने उस समय माना था कि भवन बनाने का जो उद्देश्य है वह मुदरला में भवन बनाने से पूरा नहीं हो सकता। दानवाव छात्रावास परिसर आबूरोड-माउंट आबू मार्ग पर होने से यहां मुख्य रोड से सटकर भवन बनाने से इसमें चार चांद लग जाएंगे और आदिवासियों के लिए यह सहूलियत भरा रहेगा।
सामुदायिक भवन का निर्माण अंतिम चरण में
दानवार स्कूल परिसर में ही बीस लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इसमें अब सिर्फ फिनिशिंग का कार्य शेष है। यह भवन बनकर शीघ्र ही तैयार होने पर जनजाति विकास विभाग को स्थानान्तरित कर दिया जाएगा। यह सामुदायिक भवन भी आदिवासियों के विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन के लिए उपयोगी साबित होगा।
इन्होंने बताया ...
सामुदायिक भवन तो बनकर करीब-करीब तैयार हो चुका है। जनजाति भवन का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है और उम्मीद की जा रही है कि यह भी शीघ्र ही बनकर तैयार हो जाएगा। दोनों भवन तैयार हो जाने पर शहर आने वाले आदिवासियों को अच्छी खासी सुविधाएं मिलेगी।
- राजेन्द्रसिंह शेखावत, परियोजना अधिकारी, टीएडी, आबूरोड।

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