रोडवेज में यात्रा के लिए दो बार देना पड़ा किराया

-रोडवेज बस खराब, यात्रियों को दूसरी में बिठाने पर टिकट दिए बिना दुबारा वसूला किराया!

By: mahesh parbat

Published: 07 Jul 2019, 11:09 AM IST

सिरोही. अरठवाड़ा के निकट बस खराब होने पर यात्रियों को कंडक्टर ने दूसरी रोडवेज बस में बिठाया लेकिन इस बस के परिचालक ने यात्रियों से दुबारा किराया वसूल लिया। और तो और टिकट तक नहीं दिए। यात्रियों के विरोध करने पर उसने यहां तक कह दिया कि यहां तो किराया दे दो नहीं तो रास्ते में ही उतार दूंगा!
सूत्रों के अनुसार शनिवार सवेरे करीब साढ़े आठ बजे सिरोही से जोधपुर जाने वाली बस अरठवाड़ा के पास खराब हो गई।ऐसे में चालक और परिचालक ने यात्रियों से यह कहा कि आप को दूसरी बस से भेजेंगे। इसलिए सामान लेकर नीचे उतर जाओ। कुछ देर इंतजार के बाद में फलौदी डीपो की बस (आरजे. ४३ पीए ००११) आई और उसमें सभी यात्रियों को बिठाया गया। कुछ देर तक दोनों परिचालकों ने आपस में बात की और फिर सिरोही-फलौदी वाली बस रवाना हो गई। अभी बस एकाध किमी ही चली होगी कि इस बस के परिचालक ने सभी यात्रियों के पास फिर से किराए के रुपए लिए और किसी को भी टिकट तक नहीं दिया। यात्रियों का कहना है कि विरोध करने पर नीचे उतारने की धमकी तक दे दी।
यात्रियों ने किया
था विरोध
बस में सवार सैमल कंवर ने बताया कि हम सिरोही के गोयली चौराहे से बैठे थे और शिवगंज जा रहेे थे। परिचालक को रुपए देकर टिकट लिया लेकिन अरठवाड़ा गांव के पास फोरलेन पर बस खराब हो गई। कुछ देर इंतजार करने के बाद फिर सिरोही-फलौदी रोडवेज बस आई। उसे रुकवाकर हम सभी को उसमें बिठवाया गया। लेकिन बस कुछ ही आगे गई होगी कि उसका परिचालक भी हमसे किराया मांगने लगा। हमने टिकट दिखाते हुए विरोध भी किया, लेकिन परिचालक नहीं माना। फिर हमने शिकायत करने के लिए ट्रोल $फ्री नम्बर पर आठ-दस बार फोन लगाया लेकिन नहीं लगा। करीब दर्जन भर सवारियों के किराए के दुबारा रुपए लिए और टिकट तक नहीं दिया।
तो यात्रियों का क्या कसूर?
सूत्रों के अनुसार बस ब्रेक डाउन होने पर दूसरी बस में यात्रियों को बिठाते हैं तो परिचालक सम्बन्धित बस के कंंडक्टर को काटे गए टिकटों की रिपोर्ट देता है, ताकि उनसे दुबारा किराया वसूला ना जाए। लेकिन यहां परिचालक ने दूसरे को रिपोर्ट सौंपी या नहीं..। लेकिन कंडक्टर ने दुबारा किराया वसूल कर ही लिया। ऐसे में सवाल यह उठता है कि यात्रियों का क्या कसूर!
इनका कहना है...
यात्रियों के पास टिकट होने के बावजूद किराया मांगना गलत बात है, परिचालक बाकायदा उसकी रिपोर्ट सम्बन्धित को सुपुर्द करता है। इसके बाद ही बस रवाना होती है। यदि दुबारा किराया वसूला है तो यह नियमों के खिलाफ है। फलौदी आगार के मुख्य प्रबंधक से बात कर परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की बात करेंगे।
-अशोक सांखला, मुख्य प्रबंधक सिरोही आगार

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