तेजाब पीडि़ता और लापता कर्मचारी के परिजनों को मिलेगा वित्तीय लाभ

पहले सात साल बाद मिलता था परिजनों को वित्तीय लाभ
मृतक कर्मचारी के परिजन एक क्रम नीचे पा सकेंगे नियुक्ति

By: Devkumar Singodiya

Published: 03 Jan 2020, 05:19 PM IST

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने हरियाणा सिविल सेवा (अनुकंपा वित्तीय सहायता या अनुकंपा नियुक्ति) नियम, 2019 को मंजूरी प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में हरियाणा सिविल सेवा को स्वीकृति प्रदान की गई है। नए नियम पहली अगस्त, 2019 से लागू होंगे।
इस नियम के तहत गायब या लापता सरकारी कर्मचारी का परिवार अब प्राथमिकी दर्ज होने की तिथि से छह महीने बाद अनुकंपा वित्तीय सहायता का लाभ पाने का हकदार होगा।
इससे पहले, 2006 के पिछले नियमों के तहत, गायब या लापता सरकारी कर्मचारी के मामले में, परिवार को अनुकंपा वित्तीय सहायता का लाभ कर्मचारी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज होने की तिथि से 7 वर्ष के बाद दिया जाता था।

अनुग्रह अनुदान अब एक लाख रुपए

मंत्रिमंडल ने 2019 के नियमों में अनुग्रह अनुदान को 25,000 रुपए से संशोधित कर 1.00 लाख रुपए करने का भी निर्णय लिया है। इसके अलावा, मकान किराया भत्ता या सरकारी आवास का प्रतिधारण, यदि कोई है तो उसे कल्याणकारी उपाय मानते हुए एक वर्ष के बजाय दो वर्ष की अवधि के लिए अनुमति दी गई है। नई नीति-2019 के अनुसार अब मृतक कर्मचारी का परिवार अनुकंपा वित्तीय सहायता अथवा परिवार के किसी एक सदस्य के लिए ग्रुप-सी या डी पद से एक क्रम नीचे नियुक्ति पाने का विकल्प चुन सकता है।


हरियाणा की तेजाब पीडि़तों की ही मदद करेगी सरकार

मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला लिया गया कि यदि हरियाणा राज्य में रहने वाली किसी भी महिला या लडक़ी को तेजाब हमले का सामना करना पड़ता है, तो वह इस योजना के तहत वित्तीय लाभ के लिए पात्र है। योजना के तहत वित्तीय सहायता के लिए आवेदन करने के बाद पीडि़ता को वर्तमान तिथि से वित्तीय सहायता दी जाएगी।
ऐसी तेजाबी हमले की पीडि़ताओंं को कोई बकाया राशि नहीं दी जाएगी। मौजूदा प्रावधान में 2 मई, 2011 को या उसके बाद तेजाबी हमलेे से पीडि़त कोई भी महिला या लड़की पात्र होगी।


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