हरियाणा में दसवीं विज्ञान की परीक्षा पर उच्च न्यायालय की अंतरिम रोक

याचिका में कहा गया कि जब सीबीएसई व अन्य बोर्ड परीक्षा लेने सेनइंकार कर चुके है और खुद हरियाणा बोर्ड भी अन्य सभी विषय की परीक्षा लेने से इनकार कर चुका है तो केवल साइंस लेने वाले छात्रों की परीक्षा लेने का क्या औचित्य है।

By: Bhanu Pratap

Updated: 30 Jun 2020, 05:34 PM IST

सिरसा/चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय Punjab and Haryana High court ने हरियाणा सरकार Haryana government के निर्णय पर अंतरिम रोक interim stay लगा दी है। उच्च न्यायालय की जस्टिस मंजरी नेहरू कौल ने हरियाणा के प्राइवेट स्कूल व कई अन्य द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया। सभी पक्षों को सुनने के बाद उच्च न्यायालय ने परीक्षा पर अंतरिम रोक लगाते हुए सरकार से जवाब तलब किया है।

11वीं दाखिले के लिए विज्ञान की परीक्षा होनी है

हरियाणा सरकार ने कक्षा 11वीं में विज्ञान संकाय (मेडिकल/नॉन मेडिकल) विज्ञान संकाय से जुड़े संस्थानों में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए साइंस की परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया था। हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड ने एक प्रेस रिलीज जारी कर 11वीं में विज्ञान संकाय लेने वाले छात्रों की विज्ञान की परीक्षा लेने का कार्यक्रम घोषित कर दिया। कोरोना वायरस की वजह से छूट गई 10वीं की हरियाणा बोर्ड की साइंस विषय की परीक्षा आपको देनी है या नहीं, इसके लिए स्कूलों को बच्चों की सहमति ले कर उसे साइट पर लोड करने का निर्देश दिया गया।

उच्च न्यायालय में तर्क

इस आदेश के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका प्रस्तुत की गई। याचिका में कहा गया है कि जो परीक्षार्थी विज्ञान विषय की परीक्षा देने अथवा न देने की सहमति की सूचना निर्धारित तिथि तक नहीं भेजेंगे, उनकी रिपोर्ट शून्य समझी जाएगी। याचिका में कहा गया कि जब सीबीएसई व अन्य बोर्ड परीक्षा लेने सेनइंकार कर चुके है और खुद हरियाणा बोर्ड भी अन्य सभी विषय की परीक्षा लेने से इनकार कर चुका है तो केवल साइंस लेने वाले छात्रों की परीक्षा लेने का क्या औचित्य है। यह इन बच्चों के साथ भेदभाव है। वर्तमान हालात पेपर लेने के अनुकूल भी नहीं है।

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