मौत का वायरस ग्रामीणों के लिए बना लाइलाज,अब तक 11 लोग गवां चुके अपनी जान

Nitin Srivastava

Publish: Sep, 11 2018 04:29:41 PM (IST)

Sitapur, Uttar Pradesh, India

सीतापुर। संदना कस्बे में रहस्यमय बीमारी के चलते एक दर्जन लोगों की मौत हो चुकी हैं जबकि एक सैकड़ा से अधिक लोग बीमार हैं। रहस्यमय बीमारी से बीमार होने वालों में बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। बीती रात इलाज के दौरान तीन लोगों की मौत हो जाने से गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ हैं। स्वास्थ्य महकमा जिम्मेदार कदम उठाने के बजाय इसे सामान्य बुखार बताकर बीमार व्यक्तियों को दवाइयां वितरित करने का काम कर रहा हैं। बीमारियों से लगातार हो रही मौतों से ग्राम वासियों में स्वास्थ्य महकमें के प्रति काफी आक्रोश हैं।


स्वास्थ्य महकमे के प्रति ग्रामीणों में आक्रोश

तीन सप्ताह पहले जनपद के विकासखंड गोंदलामऊ क्षेत्र के जमुनापुर गांव में गंदगी और दूषित पेय जल के कारण तीन बच्चे बुखार से ग्रसित हुए थे। ग्राम प्रधान द्वारा स्वास्थ्य महकमे सूचना दी गयी लेकिन महकमे द्वारा इस बीमारी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाये गए लिहाजा बीमारी ने पूरे गांव में पैर पसार लिए। गांव में तकरीबन 150 बच्चे और बुजुर्ग बीमार हैं जबकि गांव में बीती रात में हुयी तीन मौतों को मिलाकर यह आंकड़ा अब एक दर्जन हो गया हैं। स्वास्थ्य महकमे की लापरवाही के चलते आज बीमारी ने आस-पास के गांवों में भी अपने पैर पसार लिए हैं। ग्राम वासियों का कहना हैं कि यह बीमारी लगातार बढ़ती चली जा रही हैं और स्वास्थ्य महकमा केवल लाल-पीली दवाइयों को बांटकर केवल रस्म अदायगी कर रहे हैं लेकिन यह दवाइयां इन बीमारियों पर कोई असर नहीं डाल पा रही हैं जबकि इन दवाइयों के खाने से बच्चों की हालत और बिगड़ होती हैं।


स्वास्थ्य महकमे के अधिकारी कर रहे अपना बचाव

वहीँ स्वास्थ्य महकमा इस रहस्यमय बीमारी को सामान्य बुखार बता कर टीमों द्वारा गांव में दवाइयां वितरित करने की बात कह रहा हैं। डिप्टी सीएमओं का कहना है कि अब तक गांव में 9 लोगों की मौत हुयी लेकिन यह सभी बुखार से ग्रसित नहीं थे। उनका कहना हैं कि गांव में पानी और बीमारी से ग्रसित लोगों के ब्लड सैम्पल लिए गए हैं जिन्हे जांच के लिए भेजा गया कर हमारी टीमें गांव में लगातार कैंपिंग कर बीमार लोगों को दवाइयां वितरित कर रही हैं।


लापरवाही आंकड़े में कर सकती हैं इजाफा


गोंदलामऊ में फैले इस मौत के वायरस ने पिछले दो दिनों में छह लोगों को अपने चपेट में लेकर मौत की नींद सुला चुका हैं लेकिन स्वास्थ्य महकमा अपनी जिम्मेदारी समझने के बजाय टीमों द्वारा कैंपिंग कराकर दवाइयां बाँट रहा हैं। अगर इन मौतों से स्वास्थ्य महकमें की नींद नहीं टूटी तो आने वाले दिनों में मौतों का यह आंकड़ा बदस्तूर बढ़ता रहेगा।

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