लाठीचार्ज के खिलाफ आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने फिर भरी हुंकार, किया प्रदर्शन

लाठीचार्ज के खिलाफ आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने फिर भरी हुंकार, किया प्रदर्शन
Anganwadi workers

Shatrudhan Gupta | Publish: Oct, 24 2017 09:19:46 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

यूपी के सीतापुर में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने लालबाग़ चौराहे पर जाम लगाकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया।

सीतापुर. यूपी के सीतापुर में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने लालबाग़ चौराहे पर जाम लगाकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान घण्टों लगे जाम से जहां प्रशासन को नाकों चने चबाने पड़े, वहीं आम लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का प्रदर्शन उग्र होता देख सिटी मजिस्ट्रेट लालबाग़ चौराहे पर पहुंचे और कार्यकत्रियों से ज्ञापन लेकर उनका जाम खुलवाया। जिस पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने सिटी मजिस्ट्रेट के आश्वासन पर जाम खोल दिया।

दरअसल, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की माने तो भारतीय जनता पार्टी ने घोषणा पत्र के अनुसार सरकार बनने के 120 दिन के अंदर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को उनका मानदेय बढ़ाकर सम्मानजनक मानदेय दिया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र बेहद ही खराब हालात में है। केंद्रों पर न तो वजन मशीन है और न ही पोषण कार्यक्रम के प्रचार के लिये के लिए बजट की व्यवस्था। ऐसे हालात में इन हालातों में काम कर पाना मुश्किल है। इसी वजह से हम लोगो ने वजन दिवस का भी बहिष्कार किया है और कल लखनऊ में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में काली पट्टी बांधकर वजन दिवस की जगह काला दिवस मनाने का फैसला किया है।

नीतू सिंह (जिलाध्यक्ष आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ उप्र) ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकार्तियों का सम्मान किसी भी अधिकारी और नेता की तुलना में कम नहीं है और न जी महिलाओं को फूल समझकर उनको समझाने की कोशिश की जाए। उन्होंने कहा कि योगी सरकार यदि अपने घोषणा पत्र के आधार पर मानदेय की नीतियों में बदलाव नहीं करेगी तो हालात और भी खराब हो जायेंगे।

हंगामेदार प्रदर्शन से सकते में आया प्रशासन

आंगनबाड़ी कर्मियों के जोरदार हंगामेदार प्रदर्शन से समूचा जिला प्रशासन सकते में आ गया। हज़ारों की संख्या में कार्यकत्रियों के प्रदर्शन को सँभालने के लिए कोई रणनीति नहीं काम कर रही थी। लिहाजा सिटी मजिस्ट्रेट को खुद मौके पर आकर महिलाओं का बेहद इत्मीनान से सामना करना पड़ा।

 

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