बाबा बजरंग मुनि पर हमले से नैमिषारण्य के संत और महंत आक्रोशित, डीएम से की मुलाकात

संत समाज का कहना है कि जमीनी विवाद को अगर पहले ही सुलझा लिया जाता तो शायद यह घटना ने होती।

सीतापुर. खैराबाद कस्बे में बीती 16 फरवरी को जमीनी विवाद में उदासीन आश्रम के बड़ी संगत के बाबा बजरंग मुनि कर घायल होने की खबर के बाद संत समाज में आक्रोश है। इसी कड़ी में नैमिषारण्य के संत समाज ने जमीनी विवाद का जल्द निपटारा कराने और दोषियों के ख़िलाफ़ निष्पक्ष कार्यवाई की मांग को लेकर जिला अधिकारी से मिले। संत समाज ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले में अतिशीघ्र कार्रवाई करवाने की मांग की है। संत समाज का कहना है कि जमीनी विवाद को अगर पहले ही सुलझा लिया जाता तो शायद यह घटना ने होती।

पैतृत जमीन को लेकर था विवाद

मामला खैराबाद थाना क्षेत्र के कस्बे का है। यहां पर उदासीन आश्रम बड़ी संगत के बाबा बजरंग मुनि का कस्बे के ही विशेष समुदाय के लोगों से पैतृक जमीन का विवाद चल रहा था। मिली जानकारी के मुताबिक, बीते 16 फरवरी को बाबा बजरंग मुनि और विशेष समुदाय के लोगो के बीच विवाद हो गया और धारदार हथियार भी चले। इस खूनी संघर्ष में बाबा बजरंग मुनि सहित 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जिनका इलाज आज भी लखनऊ ट्रामा सेंटर में चल रहा हैं।

डीएम को दिया ज्ञापन

बाबा पर हुए हमले की सूचना के बाद नैमिषारण्य के सन्त पुरोहित संतोष दास ने नैमिषारण्य के अन्य महंतों के साथ मिलकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। संत संतोषदास का कहना हैं कि हमारी मांग है कि जमीन के विवाद को राजस्व विभाग जल्द ही निपटाए जिससे अब भविष्य में विवाद की स्थिति न पैदा हो सके। नैमिषारण्य के सैकड़ों संतों ने जिलाधिकारी के आवास पर मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाई की भी मांग की है।

नितिन श्रीवास्तव
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