अम्बेडकर जयंती पर निकाली शोभा यात्रा

मोहन बारी ने कहा, जातीय व्यवस्था के लिये जीवन भर संघर्षरत रहे डा. अम्बेडकर। बैंड बाजों के साथ निकाली गयी झांकियां।

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Published: 14 Apr 2016, 11:30 PM IST

सीतापुर. डाॅ. भीमराव अम्बेडकर का 125वाॅं जन्मदिवस उल्लास पूर्वक मनाया गया। अम्बेडकर के जीवन से सम्बंधित करीब दर्जन भर आकर्षक झाकियों के साथ शोभायात्रा जिलापंचायत गेस्ट हाउस से निकाली गयी जो नगर भ्रमण करती हुई अम्बेडकर पार्क बरगदिया पहॅुची। जहाॅं अनुयायियों ने अम्बेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और अम्बेडकर के द्वारा शोषितों, पीडि़तों, वंचितों के लिए किए गए कार्याें की चर्चा की।

समिति द्वारा जयंती पर बैंड बाजों के साथ बुद्धम् शरणम् गच्छामी व संविधान निर्माता समिति के साथ डाॅ भीमराव अम्बेडकर के जीवन से सम्बंधित झांकियों के साथ शोभा यात्रा निकाली गयी। शोभा यात्रा को प्रभाव जैन मानव सेवा समिति के सचिव पंकज जैन ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। शोभायात्रा से पूर्व कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पूर्व विधानसभा प्रत्याशी मोहन प्रसाद बारी ने कहा कि डॉ॰ भीमराव अंबेडकर एक विश्व स्तर के विधिवेत्ता थे। वे एक दलित राजनीतिक नेता और एक समाज पुनरुत्थानवादी होने के साथ साथ, भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार भी थे।

वे बाबासाहब के नाम से लोकप्रिय हैं। बाबासाहब अम्बेडकर ने अपना सारा जीवन हिंदू धर्म की चतुवर्ण प्रणाली और भारतीय समाज में सर्वव्यापित जाति व्यवस्था के विरुद्ध संघर्ष में बिता दिया। हिंदू धर्म में मानव समाज को चार वर्णों में वर्गीकृत किया है। जो इस प्रकार हैण् ब्राह्मणए क्षत्रिय वैश्य और शूद्र। बाबा साहब ने इस व्यवस्था को बदलने के लिए सारा जीवन संघर्ष किया। इसलिए उन्होंने बौद्ध धर्म को ग्रहण करके इसके समतावादी विचारों से समाज में समानता स्थापित कराई। शोभा यात्रा रामकुण्ड चौराहे से कोतवाली मार्ग होती हुई बस स्टेशन, बजाजा मार्ग से चिकमण्डी, तहसील, संकटा देवी मंदिर, अमीरगंज होती हुई पुरानी बाजार के अम्बेडकर पार्क पहुॅची। यहाॅं अम्बेडकर अनुयायियों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। यहाॅं से शोभा यात्रा अम्बेडकर पार्क बरगदिया पहुॅची। जहाॅं लोगों ने अम्बेडकर जी के व्यक्तित्व व उनके द्वारा दलितोंत्थान के लिए किए गए कार्याें की चर्चा की। आयोजकों द्वारा झांकी में बने पात्रों को पुरस्कार प्रदान किये गये। कार्यक्रम में, भाजपा नेता भूपेन्द्र जैन, अजय द्विवेदी, श्रीराम गौतम, सोने लाल, शिव कुमार आर्य, राजाराम भार्गव, अखिलेश भारती, बनवारी लाल सहित क्षेत्र भर से आए सैकड़ों महिला व पुरूष अनुयायियों ने कार्यक्रम में उत्साह पूर्वक हिस्सा लिया।

दलित रत्न पुरस्कार की शुरूआत किये जाने की मांग
आदर्श गांजर उत्थान सेवा समिति के अध्यक्ष राजेश सिंह ने डाॅ भीमराव अम्बेडकर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दलितों के महानायक व संविधान निर्माता की याद में देश में तमाम बड़े कार्यक्रम होते हैं। राजनैतिक दल दलितों के वोट के लिए तमाम उपाय करते हैं और अम्बेडकर जी को महान बताते हैं। किंतु आज तक किसी भी दल ने अम्बेडकर जी की याद में दलित रत्न की शुरूआत नहीं की। उन्होनें कहा कि मेरे संगठन ने बीते फरवरी माह में शासन-प्रशासन को पत्र भेजकर तमाम प्रकार के दिए जाने वाले सम्मानों की कड़ी में देश में दलित उत्थान के लिए कार्य करने वाले को दलित रत्न से सम्मानित करने की परम्परा शुरू करने की माॅग की गयी थी। जिस पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। राजेश सिंह ने कहा कि अम्बेडकर जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी कि उनके नाम पर दलित रत्न सम्मान शुरू किया जाये।
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