संविदा शिक्षक ने स्कूल में केरोसिन डालकर किया आत्मदाह का प्रयास, नौकरी जाने के डर से था परेशान

महमूदाबाद कोतवली क्षेत्र के बिलौली बाजार चौराहे से चंद कदमों की दूरी पर स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय पहला स्थित है।

सीतापुर. यूपी सरकार द्वारा संविदा शिक्षकों को कार्य मुक्त किये जाने के निर्णय के बाद करीब दस वर्षों से अधिक समय से कस्तूरबा गांधी विद्यालय पहला में तैनात संविदा शिक्षक ने मंगलवार को विद्यालय परिसर में मिट्टी का तेल छिड़क कर आत्महत्या का प्रयास किया। आनन-फानन में मिट्टी के तेल की पिपिया छीन कर शिक्षक को बचाया गया। घटना की सूचना मिलते ही विभागीय उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे और शिक्षक को समझा बुझाकर मामला शांत कराया।


स्कूल में किया आत्मदाह का प्रयास

महमूदाबाद कोतवली क्षेत्र के बिलौली बाजार चौराहे से चंद कदमों की दूरी पर स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय पहला स्थित है। यहां पर सदरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बकहुँआ निवासी कुलदीप कुमार करीब दस वर्षों से संविदा शिक्षक के रूप में तैनात है। कुलदीप कुमार के मुताबिक बीती 14 जुलाई को सरकार के निर्देश पर राज्य परियोजना निदेशक द्वारा आवासीय विद्यालयों में तैनात संविदा शिक्षकों को हटाए जाने का शासनादेश जारी किया गया था। कुलदीप कुमार का कहना है कि उसके द्वारा टीजीटी व पीजीटी की परीक्षा पास करने के बाद महज इंटरव्यू में असफल हो जाने के कारण उसका चयन नही हो सका। उसने अपने जीवन के बहुमूल्य दस वर्ष संविदा शिक्षक के रूप में शिक्षण कार्य करते हुए गुजार दिए है और अब उसे नौकरी से निकाला जा रहा है, ऐसे में उसके पास परिवार को चलाने का कोई सहारा नहीं बचा है।


नौकरी जाने का था डर

कुलदीप कुमार के मुताबिक वह सोमवार सात सितंबर को एसपीडी कमलाकर पांडेय से मिलने गया था। एसपीडी ने उससे कहा कि तुम लोगों ने कोर्ट में केस किया है तो जवाब भी वही से लेना हमारे बस में नहीं है। यह शासन का निर्णय है उक्त बातें शिक्षक कुलदीप कुमार ने सोशल मीडिया पर शेयर की और मंगलवार की सुबह वह रोज की भांति विद्यालय पहुंचा,जैसे ही यहाँ तैनात शिक्षक व अन्य कर्मी अपने-अपने काम मे व्यस्त हो गए कि कुलदीप कुमार ने पहले से एक पिपिया मे लाकर रखा गया केरोसीन आयल उठाकर विद्यालय परिसर के एक कोने में जाकर अपने ऊपर उड़ेलना शुरू कर दिया। कुलदीप कुमार को ऐसा करते देख शिक्षकों व कर्मियों में हड़कंप मच गया.चपरासी अजय कुमार व चौकीदार सत्यप्रकाश ने शोर मचाते हुये दौड़कर कुलदीप को बचाने का प्रयास किया। इसी बीच मौके पर पहुंचे शिक्षक तरूण वर्मा व अपनी शिक्षक पत्नी को विद्यालय छोड़ने आये संतोष कुमार ने कुलदीप से केरोसिन से भरी पिपिया छीनकर फेंका और कुलदीप को नहलाकर कपड़े बदलवाए।

नितिन श्रीवास्तव
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