फिल्म पद्मावती के खिलाफ क्षत्रिय समाज उतरा सड़क पर, भंसाली का फूंका पुतला

फिल्म पद्मावती के खिलाफ क्षत्रिय समाज उतरा सड़क पर, भंसाली का फूंका पुतला
Film Padmavati

Shatrudhan Gupta | Updated: 13 Nov 2017, 09:24:42 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

लोगों में पद्मावती के चरित्र के खिलाफ बनायीं गयी फिल्म के खिलाफ काफी नाराजगी है।

सीतापुर. जिले के पिसावां में चित्तौड़ की महारानी पद्मावती की जीवनी के साथ फिल्म में भद्दा मजाक तथा मनगढं़त कहानियां न दर्शायी जाएं, जिसे रोकने के लिए क्षेत्र के लोगों ने थानाध्यक्ष जयशंकर सिंह को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा जिलाधिकारी सीतापुर के नाम एक मांग पत्र सौंपा। लोगों में पद्मावती के चरित्र के खिलाफ बनायीं गयी फिल्म के खिलाफ काफी नाराजगी है।

फिल्म बनाकर भंसाली ने भद्दा मजाक किया है

दरअसल, रविवार को पिसावां क्षेत्र के सैकड़ों की संख्या मे क्षत्रिय समाज के लोग एकत्र हो कर चित्तौड़ की महारानी पद्मावती की जीवन चरित्र को लेकर फिल्म निदेशक संजय लीला भंसाली पर आरोप लगाया कि महारानी पद्मावती की जीवनी के साथ फिल्म बना कर भद्दा मजाक किया गया है। क्षत्रिय समाज के लोगों ने कहा कि हम किसी भी कीमत पर फिल्म को रिलीज नहीं होने देंगे। समाज के लोगों ने कहा कि इस फिल्म में निदेशक संजय लीला भंसाली ने गलत तथ्यों को भी परोसा है, जिससे क्षत्रिय समाज में गुस्सा है।

क्षत्रिय समाज किसी कीमत पर फिल्म रिलीज नहीं होने देगा

फिल्म पद्मावति की रिलीज रोकने की मांग को लेकर क्षत्रिय समाज के सैकड़ों लोगों ने जुलूस निकाला और फिल्म निदेशक संजय लीला भंसाली का पुतला फूंका। साथ ही गुस्साए क्षेत्र के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी , मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा सीतापुर जिलाधिकारी सारिका मोहन के नाम एक ज्ञापन थानाध्यक्ष कौ सौंपा। इस अवसर पर थानाध्यक्ष ने लोगों को समझाया तथा बताया कि उच्च अधिकारियों के माध्यम से भारत सरकार को पत्र भेजा गया है। इस अवसर पर फिल्म निर्देशकों को चेतावनी दी गयी है कि फिल्मों मे क्षत्रियों के जीवनी इतिहास के ही साथ मनमाने ढंग से दृश्य दर्शया जाता है। इसी तरह महारानी पद्मवती की जीवनी इतिहास को मनमाने ढंग से दर्शाने का कुचक्र रचा जा रहा है, जो अब सहन नहीं किया जाएगा। पुतला दहन व मांग पत्र सौंपने वालों में हरेन्द्र सिंह, महेश्वर सिंह, गौरव सिंह, गोविंद प्रताप सिंह, अजीत सिंह, अनमोल सिंह, मोहित सिंह समेत क्षत्रिय समाज के सैकड़ों लोग शामिल थे।

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