तबादला के बाद घर वापसी के लिए रोता रहा यह कर्मचारी अौर फिर आई एेसी खबर

तबादला के बाद घर वापसी के लिए रोता रहा यह कर्मचारी अौर फिर आई एेसी खबर

Ruchi Sharma | Publish: Feb, 15 2018 12:52:37 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

तबादले से हताश एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने अपने विभाग के उच्चाधिकारी से सेहत बेहतर न होने पर रहम की गुहार लगायी थी

सीतापुर. तबादले से हताश एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने अपने विभाग के उच्चाधिकारी से सेहत बेहतर न होने पर रहम की गुहार लगायी थी। यही नहीं उसने मुख्यमंत्री तक को पत्र भेज कर उसके साथ कुछ अनहोनी होने की दशा में शीर्ष अधिकारी को ही जिम्मेदार बताया था। बावजूद इसके इन सब बातों से बेपरवाह जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अपना फैसला नहीं बदला और कल उस कर्मचारी की मौत हो गयी। जिससे नाराज परिजनों ने आज उसका शव दफ्तर में रख कर प्रदर्शन किया जहां उसने कई वर्ष तक नौकरी की थी।

सीतापुर के बीएसए कार्यालय में सुबह से ही काफी हंगामा मचा हुआ था। क्योंकि कुछ लोग एक व्यक्ति के शव को रखकर प्रदर्शन कर रहे थे। दरअसल सीतापुर बीएसए कार्यालय में तैनात रामबदल का दो माह पूर्व सीतापुर कार्यालय से खैराबाद ब्लॉक में तबादला कर दिया गया था और वह वहां जाना नहीं चाहता था। क्योंकि वह अपनी बिमारी से परेशान था और इसको लेकर उसने कई बार प्रार्थना पत्र भी दिया था।

विभागीय सूत्र बताते हैं कि अभी चार दिन पहले भी उसने प्रार्थना पत्र दिया था और उसमें उसने किसी अनहोनी होने पर बीएसए सीतापुर को ही जिम्मेदार ठहराया था। जिसकी एक प्रति सीएम योगी को भी भेजी थी। तबादले के कारण रामबदल को दो महीने से वेतन नहीं मिला था और वह अपना इलाज नहीं करा सका। जिस कारण बीमारी से परेशान रामबदल की कल रात मौत हो गयी। इससे नाराज परिजनों ने आज बीएसए कार्यालय में रामबदल को शव को रखकर प्रदर्शन किया। उधर सीतापुर बीएसए ने कहा कि मैंने उसे मेडिकल लीव पर जाने के लिए कहा था।

किडनी की बीमारी से ग्रसित था रामबदल

रामबदल किडनी की बीमारी का इलाज करा रहा था। दिसम्बर में उसका तबादला खैराबाद कर दिया गया। जिसको लेकर उसने कईबार प्रार्थना पत्र दिया था। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई और तबादले के कारण वेतन भी नहीं मिल सका, जिस कारण वह इलाज नहीं करा सका।

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