दूसरों को कर रहे सतर्क, लेकिन अधिकारी खुद उड़ाते हैं सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां, ऐसे कैसे जीतेंगे कोरोना से जंग

डीएम अखिलेश तिवारी द्वारा आयोजिय बैठक में सोशल डिस्टेंसिंग का जरा भी ध्यान नहीं रखा गया...

सीतापुर. वैश्चिक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार ने लॉक डाउन और सोशल डिस्टनसिंग की व्यवस्था लागू की है। जिम्मेदार अधिकारी इसके लिए दूसरों को तो नसीहत दे रहे हैं। लेकिन खुश सोशल डिस्टनसिंग की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। इसका जीता जागता उदाहरण कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक के दौरान दिखाई दिया। यहा डीएम अखिलेश तिवारी द्वारा आयोजिय बैठक में सोशल डिस्टेंसिंग का जरा भी ध्यान नहीं रखा गया।


बैठक में उड़ी सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां

डीएम ने कलेक्ट्रेट सभागार में कोविड-19 को लेकर अधिकारियों की एक समीक्षा बैठक बुलाई थी। इस बैठक में अधिकारियों की इस कदर भीड़ जमा हुई कि सोशल डिस्टेंसिंग का आदेश हवा हवाई हो गया। चूंकि मामला कलेक्ट्रेट सभागार का था और वह भी जिलाधिकारी की बैठक से जुड़ा तो किसकी मजाल थी कि चाहकर भी इसका विरोध करता। तकरीबन डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में डीएम ने अधिकारियों को कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन कराने के निर्देश तो दिये लेकिन उन्ही की मौजूदगी में हुई इस बैठक में सरकार के सोशल डिस्टनसिंग के निर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ती रही। जबकि मंगलवार को जिलाधिकारी ने व्यापारिक गतिविधियों को संचालित करने की छूट देते समय किस तरह के निर्देश दिए हैं आप सुनिये उन्ही की जुबानी। उन्होंने कहा था कि अगर कहीं पर सोशल डिस्टेंसिंग का मखौल उड़ाया गया तो उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

नितिन श्रीवास्तव Desk/Reporting
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