प्राविधिक शिक्षा विभाग में त्रुटियों से छात्र परेशान

उत्तर प्रदेश प्राविधिक शिक्षा परिषद भले ही बेहतर व्यवस्थाओं के परिणामों और परीक्षाओं को जारी करने का दावा करता रहा है, परंतु उसके दावे हर बार की तरह खोखले साबित होते जा रहे हैं।

Abhishek Gupta

September, 0408:54 PM

Lucknow, Uttar Pradesh, India

सीतापुर. उत्तर प्रदेश प्राविधिक शिक्षा परिषद भले ही बेहतर व्यवस्थाओं के परिणामों और परीक्षाओं को जारी करने का दावा करता रहा है, परंतु उसके दावे हर बार की तरह खोखले साबित होते जा रहे हैं। बोर्ड के परीक्षा परिणामों में हो रही त्रुटियों से अब छात्र परेशान हो रहे हैं। प्राविधिक शिक्षा परिषद के इस बार के परिणामों में एक बार फिर जबरदस्त त्रुटियां देखने को मिल रही है। ऐसा एक दो नहीं सैकडो छात्रों के परिणामों में देखने को मिला। इसे त्रुटियां कहे या बोर्ड की कहीं से सांठ गांठ आखिर आधा सैकड़ा से अधिक छात्रों के परिणामों में कुल नम्बर में एक्सट्रा नम्बर कहां से आ गये।

महमूदाबाद के जवाहर लाल नेहरू पॉलीटेक्निक में कम्प्यूटर साइंस और इन्फार्मेशन टेक्नालाजी की प्रथम वर्ष की कक्षाएं संचालित होती है। छात्रों की मानेें तो दोनो कक्षाओं में नौ विषय है जो कि पूरी तरह से समान हैै। परिषद द्वारा इस बार जारी किये गये परीक्षा परिणामों  में कम्प्यूटर साइंस ब्रांच में परीक्षा परिणामों में जहां आठ विषयों का रिजल्ट दिखा वहीं इन्फार्मेशन टेक्नालाजी का पूरे नौ विषयों का रिजल्ट रहा। बोर्ड द्वारा जारी परीक्षा परिणाम में आईटी प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम में नौ विषय कम्प्यूटर साइंस के परीक्षा परिणाम में प्रोफेशनल कम्यूनिकेशन, अप्लाइड मैथमेटिक्स, अप्लाइड फिजिक्स, कम्पोनेंट्स आॅफ इन्फार्मेशन टेक्नालाजी, आपरेटिंग सिस्टम, इलेक्ट्रकल इंजीनियरिंग, अनुप्रयुक्त रसायन, मैकेनिक्स और फन्डामेन्टल आॅफ इलेक्ट्रानिक्स डिवाइसेस में नम्बर देकर रिजल्ट जारी कर दिया गया जबकि कम्प्यूटर साइंस में अनुप्रयुक्त रसायन जो कि महत्वपूर्ण विषय माना जाता है उसे रिजल्ट से गायब कर दिया गया। इससे छात्र पूरी तरह से परेशान दिखे। छात्रों ने बताया कि अगर ऐसा ही परिणाम हमारी मार्कशीट पर आएगा तो हमें भविष्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि अनुपंरयुक्त रसायन मुख्य विषय है।

छात्र को मिली शिकायत करने की सजा!
जवाहर लाल नेहरू पालीटेक्निक के 2015-16 के प्रथम वर्ष के छात्र आयुष जैन ने बताया कि उसका अनुक्रमांक 163568761006 है। बोर्ड द्वारा सर्वप्रथम 19 अगस्त को परीक्षा जारी किया गया। जिसमें आईटी के छात्रों के परीक्षा परिणामों में अनुप्रयुक्त रसायन के परिणामों में अनुपस्थित दिखाया गया था। चूंकि छात्र ने परीक्षा दी थी और बोर्ड द्वारा भविष्य में सुधार की सूचना भी नहीं दी गई थी। अतः छात्र ने 21 अगस्त को क्षेत्रीय विधायक व उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह वर्मा से मिलकर समस्या से अवगत कराया था। नरेन्द्र सिंह वर्मा ने छात्र की समस्या को देखते हुए प्राविधिक शिक्षा मंत्री और सचिव प्राविधिक शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर छात्र का परीक्षा परिणाम सुधार करते हुए पुनः जारी करने का आग्रह किया था। 27 अगस्त को जब पुनः परिणाम अपडेट हुआ तो छात्र ने पाया कि उसकी ब्रांच के सभी लड़के पास थे जबकि केवल अनुरोधकर्ता छात्र ही फेल था। जिसको लेकर छात्र आरटीआई लगाने और मामले की जानकारी के लिये पुनः 29 अगस्त को प्राविधिक शिक्षा विभाग लखनऊ पहुंचा। परंतु प्राविधिक शिक्षा विभाग के कार्यालय में छात्र को प्रवेश करने नहीं दिया गया चारों तरफ बैरीकेटिंग लगी हुई थी।

कम्प्यूटर साइंस के परिणामों में आखिर कहां से आये एक्सट्रा नम्बर
जवाहर लाल नेहरू पालीटेक्निक के कम्न्प्यूटर साइंस प्रथम वर्ष के 163558761001 से 163558761060 तक के अनुक्रमांकों में करीब आधा सैकडा से अधिक छात्रों के परीक्षा परिणामों में कुल अंक में से 17 से 25 नम्बर अधिक पाये गये। जिसने बोर्ड की कार्यशैली पर सवाल खडे कर दिये। छात्र भी अपने परीक्षा परिणाम देखकर खुद भौचक्के रह गये थे कि आखिर यह नम्बर कहां से बढा दिये गये।

परीक्षा दी द्वितीय वर्ष की, परिणाम आया प्रथम वर्ष का
जवाहर लाल नेहरू पालीटेक्निक के आईटी के छात्र जितेन्द्र प्रसाद प्रजापति का कहना है कि उसने वार्षिक परीक्षा 2016 का परीक्षा फार्म भरा था। जिसमें त्रुटिवश प्रथम वर्ष अंकित हो गया था जबकि मैने संस्था के प्रधानाचार्य से अनुरोध किया तो उन्होने वर्ष 2016 की परीक्षा में द्वितीय वर्ष की परीक्षा संस्थागत के रूप में कराई। किन्तु जब परिषद द्वारा परिणाम घोषित किया गया तो मेरी मार्कशीट में मुझे अनुपस्थित दिखाया गया इसको लेकर मैं प्रधानाचार्य से लेकर बोर्ड  कार्यालय तक दौड लगाता रहा हूॅं किन्तु अभी तक हमें कहीं से भी कोई सही जानकारी उपलब्ध नहीं हो रही है। जिससे मैं बहुत परेशान हूं।
Abhishek Gupta
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