scriptOla's profit and loss rises 8 & 20 percent respectively | ओला का मुनाफा 8 गुना और घाटा 20 गुना बढ़ा | Patrika News

ओला का मुनाफा 8 गुना और घाटा 20 गुना बढ़ा

टैक्सी ऐग्रिगेटर कंपनी ओला को 2015 में खत्म हुए फिस्कल ईयर में 796 करोड़ रुपये का लॉस हुआ है। बेंगलुरु बेस्ड कंपनी की रेग्युलेटरी फाइलिंग से इस बात का पता चला है।

Published: June 28, 2016 09:33:07 pm

टैक्सी ऐग्रिगेटर कंपनी ओला को 2015 में खत्म हुए फिस्कल ईयर में 796 करोड़ रुपये का लॉस हुआ है। बेंगलुरु बेस्ड कंपनी की रेग्युलेटरी फाइलिंग से इस बात का पता चला है। ओला को अपनी प्रतिस्पर्धी ऊबर जैसी कंपनियों से बढ़त हासिल करने के लिए भारी मात्रा में पूंजी खर्च करनी पड़ रही है, जिसकी वजह से उसे नुकसान झेलना पड़ रहा है।


कंपनी के इस महीने ही कॉरपोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री में दाखिल किए गए डिसक्लोजर से ये आंकड़े मिले हैं। ओला पर मालिकाना हक रखने वाली एएनआई टेक्नोलॉजीज ने अपने रेवेन्यू में 380 करोड़ रुपये कार रेंटल सर्विस से मिलने की बात कही है, जबकि कंपनी ने टैक्सी सर्विसेज के कमीशन के तौर पर 2.26 करोड़ रुपये कमाए हैं। ओला ने इस बारे में भेजी गई ईमेल का कोई जवाब नहीं दिया। ओला फिस्कल 2015 में दो बड़ी प्रतिस्पर्धियों- ऊबर और टैक्सीफॉरश्योर से मुकाबला कर रही थी। 


कंपनी ने फ्लीट ऑपरेशन कॉस्ट पर 920 करोड़ रुपये खर्च किए। एडवर्टाइजिंग और सेल्स प्रमोशन पर कंपनी ने 100 करोड़ रुपये खर्च किए। टैक्सीफॉरश्योर पर मालिकाना हक सेरेंडिपिटी इंफोलैब्स का था। ओला ने इसे फरवरी 2015 में खरीद लिया। इस सौदे पर करीब 20 करोड़ डॉलर खर्च किए गए। जापान के सॉफ्टबैंक से सपोर्ट हासिल करने वाली ओला ने इस खरीद के बाद से सैन फ्रांसिस्को की ऊबर से अपनी बढ़त कायम रखने के लिए आक्रामक तरीके से पैसा लगाया।


 ऊबर ने कहा है कि उसे हाल में मिली 3.5 अरब डॉलर की फंडिंग का एक बड़ा हिस्सा वह इंडियन ऑपरेशंस का विस्तार करने पर लगाएगी। पिछले हफ्ते इकनॉमिक टाइम्स ने खबर दी थी कि ओला ने दो एडिशनल कैटेगरीज में विस्तार किया है। कंपनी की नई कैटेगरीज आउटस्टेशन और रेंटल हैं। इसके जरिए ओला ने ट्रांसपोर्टेशन इंडस्ट्री के सभी सेक्शंस पर पहुंचने की कोशिश की है।


कंपनी ओला शटल नाम से बस सर्विस भी दे रही है। इसके अलावा, ऑटो रिक्शा हायर, कॉरपोरेट कार हायर और ऑन-डिमांड कैब सर्विस की पांच कैटेगरीज में कंपनी मौजूद है, जिनमें लो-कॉस्ट माइक्रो से लेकर बीएमडब्ल्यू जैसी लग्जरी कारें तक शामिल हैं। दूसरी ओर, ऊबर अपनी लो-कॉस्ट उबरगो और ऊबरएक्स पर फोकस कर रही है। कंपनी 26 शहरों में मौजूदगी रखती है। ओला के ऑपरेशंस 100 से ज्यादा शहरों में हैं।

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