भूटान में बंधक बने बिहार के 12 मजदूरों ने लगाई छुड़ाने की गुहार

(Bihar News ) लगता है भारत को लगातार मिल रही चीन की धमकियों (Threatning of China ) का असर भूटान (Bhutan ) में भी हो रहा है। इस छोटे से देश को भी चीन की हवा लगती नजर आ रही है। यही वजह है यहां से ऐसी हिमाकत की जा रही है जो पहले कभी देखी-सुनी नहीं गई। भूटान में मजदूरी (Bihari labours hostage ) करने गए बिहार के 12 लोगों को बंधक बना लिया गया है।

By: Yogendra Yogi

Published: 05 Sep 2020, 06:50 PM IST

सिवान(बिहार): (Bihar News ) लगता है भारत को लगातार मिल रही चीन की धमकियों (Threatning of China ) का असर भूटान (Bhutan ) में भी हो रहा है। इस छोटे से देश को भी चीन की हवा लगती नजर आ रही है। यही वजह है यहां से ऐसी हिमाकत की जा रही है जो पहले कभी देखी-सुनी नहीं गई। भूटान में मजदूरी (Bihari labours hostage ) करने गए बिहार के 12 लोगों को बंधक बना लिया गया है। हालात यह हैं कि बंधक बने मजदूर बड़ी मुश्किल और भूखमरी के बीच अपने दिन काट रहे हैं।

भूखे-प्यासे मजदूरी कर रहे हैं बंधक
बंधक बनाए बिहारी श्रमिकों से दिन-रात कड़ी मेहनत कराई जा रही है। इससे वे बीमार हो गए हैं। बावजूद उनको घर नहीं लौटने दिया जा रहा है न ही इलाज हो रहा है। और तो और उनको दो वक्त का भोजन भी नहीं मिल रहा हैं। मजदूरों ने व्हाट्सएप के माध्यम से अपने घरवालों से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। इन्हीं में से एक बंधक बने ठेकेदार विनय कुमार ने घरवालों से फोन पर संपर्क कर उनकी वापसी के लिए गुहार की है।

सात माह से नहीं लौटे श्रमिक
भूटान में बंधक बनाए गए मजदूर कौशल कुमार राम की पत्नी चंपा देवी ने बताया कि मेरे पति के अलावा गांव के ही अन्य लोग इसी साल फरवरी माह में ठेकेदार विनय कुमार के साथ भूटान के लुंची स्थित तांबी में राजमिस्त्री का काम करने गए थे। जिसके बाद उन्हें बंधक बना लिया गया। उनका कहना है कि तकरीबन सात माह बीत जाने के बावजूद मजदूर अपने घर नहीं लौटे हैं। जबकि, वहां मजदूरों को मात्र तीन माह के लिए ही ले जाया गया था। उन्हें मजदूरी की रकम नहीं दी जा रही हैं।

इलाज तक नहीं कराया जा रहा
इस संबंध में उनके घरवालों ने महाराजगंज भाजपा के पूर्व विधायक डॉ कुमार देवरंजन सिंह से गुहार लगाई है। बताया कि सभी लोगों से दिनरात काम कराया जा रहा है। कौशल कुमार राम बीमार है। बावजूद इलाज नहीं कराया जा रहा है। इधर मजदूरों के परिजनों की गुहार पर पूर्व विधायक डॉ कुमार देवरंजन सिंह ने सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। तरवारा थाने के रौजा गौर निवासी ठेकेदार विनय कुमार के साथ अन्य 11 लोग जो कि महाराजगंज के विशुनपुर महुआरी निवासी कंचन राम, राजेश राम, कौशल कुमार राम, सुनील कुमार राम के अलावा अनुमंडल क्षेत्र के अन्य 8 मजदूर शामिल हैं।

पूर्व विधायक की पहल पर पहुंचा था शव
गौरतलब है कि पूर्व विधायक की पहल पर महाराजगंज प्रखंड के रढिय़ा निवासी परमात्मा रावत का शव तकरीबन डेढ़ माह पूर्व भूटान से लौटा था। गौरतलब हो कि परमात्मा रावत भी इन्हीं मजदूरों के साथ वहां राजमिस्त्री का काम किया करता था। हालांकि एक हादसे में 5 मई को उसकी मृत्यु हो गई थी। हादसे में मृतक की शव वतन लाने के लिए पत्नी सीमा देवी अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधियों तक 3 माह तक चक्कर काट-काटकर थक चुकी थी। जिसके बाद पूर्व विधायक डॉ कुमार देवरंजन सिंह ने पीडि़ता की मदद के लिए भूटान में भारतीय दूतावास के लगातार संपर्क में रहे। आखिरकार पूर्व विधायक की पहल से मृतक के शव उनके परिजनों को सौंपा गया था।

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