दो विधायक भी नहीं हरा सके इस नेता को, भारी अंतर से दी दिग्गजों को मात

दो विधायक भी नहीं हरा सके इस नेता को, भारी अंतर से दी दिग्गजों को मात
Bhupesh Chaubey

माने जाते हैं पीए नरेन्द्र मोदी के खास भूपेश चौबे 

सोनभद्र. यूपी के विधानसभा के परिणाम आने के साथ जल्द ही सूबे में नयी सरकार का गठन भी हो जायेगा। 2017 के चुनाव में चली मोदी की आंधी में जहां विपक्ष के बड़े-बड़े चेहरों को अपनी कुर्सी से हाथ धोना पड़ा तो वहीं तमाम ऐसे चेहरे भी रहे जिन्होंने पहली बार के ही चुनाव में रिकार्ड जीत हासिल कर सूरमाओं को धूल चटा दी। आदिवासी बाहुल्य सोनभद्र में एक ऐसा बना जिसका किसी को अंदाजा नहीं था। पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे भाजपा के भूपेश चौबे ने दो विधायकों को एकसाथ हराकर विजय हासिल की। इतना ही नहीं भूपेश चैबे को जनता ने इतने मत दिये कि दोनों विधायक अपने मतों कोे मिला के भी दें तो भी वे भाजपा प्रत्याशी से पीछे ही हैं। 



जिले की राबर्ट्सगंज सीट जिसे सदर सीट भी कहा जाता है पर बीजेपी के भूपेश चौबे 89932 वोट पाकर विजेता रहे, जबकि मौजूदा सदर विधायक अविनाश कुशवाहा 49394 मत पाकर दूसरे पायदान पर और ओबरा के बसपा विधायक सुनील कुमार सिंह यादव जो अपनी सीट छोड़कर राबर्ट्सगंज से चुनाव लड़ रहे थे उन्हें महज 39336 मत हासिल हो सके। अगर दोनों विधायको के मतों को जोड़ भी दिया जाये तो भाजपा प्रत्याशी ने दोनों विधायकों को 202 मतों से शिकस्त देकर धूल चटाई। 


जिले की दुद्धी विधानसभा के निवासी 42 वर्षीय स्नातक भूपेश चौबे ने वर्ष 1993 में ओबरा डिग्री कॉलेज में पहली बार कक्षा प्रतिनिधि का चुनाव जीता था। विद्यार्थी परिषद के संगठन मंत्री के रूप में अपना राजनीतिक कैरियर शुरू करने वाले भूपेश वर्ष 2006 में भाजपा युवा मोर्चा के काशी क्षेत्र के प्रभारी व प्रदेश उपाध्यक्ष भी रहे। बीजेपी के जिलाध्यक्ष के रूप में वर्ष 2014 में भूपेश मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी महानगर प्रभारी थे।  



पीमए मोदी के प्रिय हैं भूपेश

अपने सरल और झुझारू व्यक्तिव और बिजली, पानी व रोजगार सोनभद्र का विशेष अधिकार मुहीम चलाने वाले भूपेश चौबे अखिलेश सरकार में बनारस में भाजपा के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज में चर्चा में आये थे और 2014 में राबर्ट्सगंज लोकसभा सीट जिताने के बाद से ही पीएम नरेन्द्र मोदी के चहेतांे में शामिल हो गए, जिसके बाद उन्हें पहले चन्दौली और उसमें बाद पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी महानगर का प्रभारी बनाया गया था। पीाएम मोदी से भूपेश की नजदिकी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिले में सबसे पहले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जनसभा इन्ही के क्षेत्र में की थी। इतना ही नहीं जब पीएम नरेन्द्र मोदी की कोई रैली नहीं हो सकी तब पड़ोसी जिले मिर्जापुर में आयोजित रैली के मंच से सबसे पहले पीएम ने भूपेश का हाथ पकड़ कर उपस्थित जनता से आशीर्वाद देने को कहा था।
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