स्कूल में खराब मिड डे मिल मिलने पर बच्चों ने किया विरोध तो पुलिस ने बरसाई लाठी, कई घायल

Sarveshwari Mishra

Publish: Sep, 12 2018 03:36:31 PM (IST)

Sonbhadra, Uttar Pradesh, India

सोनभद्र. यूपी के सोनभद्र के चोपन थाना क्षेत्र के ज्वारीडाढ़ के आश्रम पद्धति के 350 छात्रों ने मीनू के हिसाब से खाना न मिलने पर नाराज छात्रों ने हाथों में थाली लेकर वाराणसी शक्तिनगर मार्ग को जाम कर दिया। घंटों प्रदर्शन के बाद भी किसी प्रशासनिक अधिकारी के नहीं पहुंचने पर नाराज छात्रों का गुस्सा और तेज हो गया। जिससे तंग आकर मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने छात्रों पर लाठी चार्ज कर दिया। जिससे कई छात्रों के सिर में गहरी चोट आई है। पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया है जिसमे कई लड़कों के सिर में चोट आई है। कई लड़के तो दो दिन से खाना नहीं खाये है। वही छात्रों ने अध्यापकों पर भी गाली - गलौंज का आरोप लगया।


दो दिन से नहीं खाए है खाना
छात्रों का कहना है कि मीनू के अनुसार खाना नहीं मिलने से दो दिन से खाना नहीं खाये हैं। जिससे नाराज होकर रोड जाम किया और पुलिस ने लाठी भांजी है कई छात्रों के सिर में गंभीर चोट है। आश्रम पद्धति विद्यालय के कर्मचारी ने बताया कि बच्चे कल शाम से खाना नहीं खाया है। बताया कि ठेकेदार मीनू के अनुसार खाना नहीं देता है।


बतादें कि चोपन थाना इलाके के जवारीडाड में पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय के लगभग 350 छात्रों ने वाराणसी शक्तिनगर मार्ग को मीनू के अनुसार खाना नहीं मिलने पर सड़क को जाम कर दिया। पंडित दीनदयाल आश्रम पद्धति विद्यालय के बच्चों ने खाना न मिलने पर नाराज होकर हाथों में थाली लेकर वाराणसी शक्तिनगर राजमार्ग को जाम कर दिया और विरोध प्रदर्शन करने लगे। सूचना के बाद मौके पर चोपन पुलिस पहुचकर छात्रों को समझाने का प्रयास किया लेकिन छात्र मानने को तैयार नही हुए तो लाठीचार्ज करके जाम को खत्म कराया।


पहले भी खराब मिड डे मिल को लेकर हो चुका है प्रदर्शन
पहली बार ऐसा नहीं हुआ है इसके पहले भी कई बार जवारीडाड आश्रम पद्धति के बच्चों ने खराब भोजन को लेकर बाल्टी और थाली लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर चुके हैं । इसके बावजूद भी व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है । यह आदिवासी बच्चे दूर दराज से पढ़ने के लिए आए हुए हैं और आश्रम पद्धति विद्यालय पर ही रहकर अपनी पढ़ाई पूरी करते हैं लेकिन जब उनको अच्छे भोजन की व्यवस्था नहीं हो पाएगी तो आखिर में बच्ची क्या करेंगे। ऐसे में जिला प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि जो भी दोषी व्यक्ति हो उनके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई करते हुए बच्चों को उचित भोजन की व्यवस्था कराई जाए ताकि बच्चे मन लगाकर पढ़ाई करें और देश के भविष्य निर्माण में अपना सहयोग करें।

By- Santosh Kumar

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