सोनभद्र नरसंहार: सामने आया योगी सरकार के विधायक का मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, जनवरी में ही जता दी थी आशंका

सोनभद्र नरसंहार: सामने आया योगी सरकार के विधायक का मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, जनवरी में ही जता दी थी आशंका

Mohd Rafatuddin Faridi | Updated: 24 Jul 2019, 01:52:07 PM (IST) Sonbhadra, Sonbhadra, Uttar Pradesh, India

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मोर्चा खोलने से चर्चा में आए थे सहयोगी दल के दुद्धी विधायक हरिराम चेरो।

जनवरी में ही उम्भा जमीन विवाद को लेकर मुख्यमंत्री को लिखा था लम्बा-चौड़ा पत्र, अब बोले संज्ञान में लिया गया होता तो न होता ये हादसा।

सोनभद्र. बीते 17 जुलाई को सोनभद्र के उम्भा गांव में जो कुछ हुआ उसकी आशंका योगी सरकार के में शामिल भाजपा की सहयोगी पार्टी अपना दल एस के दुद्धी विधायक हरिराम चेरो ने पहले ही जता दी थी। चेरो ने बाकायदा उम्भा गांव की आदिवासियों की जमीन के मामले को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा था। अब सोनभद्र नरसंहार के बद चेरो का पत्र सामने आया है, जिसपर राजनीति होना तय है। चर्चा इस बात की है कि अगर चेरो के पत्र को संज्ञान में लिया गया होता तो उम्भा गांव की इतनी बड़ी घटना रोकी जा सकती थी। चेरो उस वक्त भी सुर्खियों में रहे थे जब उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया था।

 

Sonbhadra Killing Hariram Chero Letter

 

चेरो ने अपने पत्र में लिखा था कि घेरावल थानाक्षेत्र के मूर्तिया ग्राम पंचायत के उम्भा गांव में बरसों से आदिवासी जिस जमीन पर खेती कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं उसे भूमाफिया हड़प लेना चाहते हैं। गरीब आदिवासियों की सुनवाई अधिकारियों के यहां भी नहीं हो रही। भू माफिया प्रशासनिक मशीनरी के साथ मिलकर आदिवासियों को प्रताड़ित कर रहे हैं उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाया जा रहा है।

 

Sonbhadra Killing Hariram Chero Letter

 

हरिराम चेरो ने फोन पर हुई बातचीत में स्वीकार किया कि उन्होंने उम्भा गांव के मामले को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र उनके कार्यालय को भेजा था। उन्होंने अफसोस जताया कि अगर उनके पत्र का संज्ञान नहीं लिया गया और आदिवासियों के साथ इतना बड़ा नरसंहार हो गया। इतना ही नहीं उन्होंने बताया कि उके बाद जनवरी के महीने में ही उम्भा गांव में जनचौपाल लगाकर इसी मामले का एक ज्ञापन तहसीलदार को भी सौंपा था, जो मुख्यमंत्री के नाम था। बावजूद उनके पत्रों का कोई संज्ञान नहीं लिया गया।

 

बताते चलें कि हरिराम चेरो भाजपा की सहयोगी पार्टी अपना दल एस के वही विधायक हैं और वह कई बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं।

By Santosh

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