सोनभद्र नरसंहार: पोस्टमार्टम के बाद भी पुलिस नहीं दे रही मृतकों के शव

पुलिस चाहती थी कि परिजन रॉबर्ट्सगंज में ही अंतिम संस्कार कर दें, लेकिन परिजनों ने इससे साफ इनकार कर दिया।

सोनभद्र . यूपी के सोनभद्र जिले के उम्भा गांव में जमीन पर कब्जे को लेकर हुई 10 लोगों की हत्या के बाद भले ही गांव में अभी हालात काबू में हों, लेकिन पुलिस अब भी सतर्क है। यहां तक कि मृतकों के पोसटमार्टम हो जाने के बाद भी मृतकों के शव उनके परिजनों को नहीं सौंपे हैं। पुलिस प्रशासन चाहता था कि परिजन गांव से दूर रॉबर्ट्सगंज में ही मृतकों के अंतिम संस्कार कर दें, लेकिन परिजनों ने इससे साफ इनकार कर दिया। पुलिस ने गांव और जिला अस्पताल को छावनी में तब्दील कर दिया है।

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जिस तरह से बुधवार को उम्भा गांव में जमीन कब्जे के लिये आरोपी प्रधान यज्ञदत्त 30 ट्रैक्टर पर 300 से ज्यादा लोगों को लेकर पहुंच गया और साथ में हथियार बंद आदमी भी बुला लिये। उसके नतीजे में 10 लोगों की हत्या और 22 घायल के रूप में सामने है। पुलिस को इस बात का अंदाजा है कि इस घटना से इलाके में तनाव है और लोगों में गुस्सा है। शायद इसी लिये वह अंतिम संस्कार को लेकर सतर्क है। पुलिस ने रात में ही 9 मृतकों का रॉबर्ट्सगंज जिला अस्पताल और एक का वाराणसी में पोस्टमार्टम करवा दिया, पर शव परिजनों को नहीं सौंपे।

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पुलिस प्रशासन चाहता था कि परिजन रॉबर्ट्सगंज में ही अंतिम संस्कार करें, लेकिन परिजन और ग्रामीणों ने इससे साफ इनकार कर दिया। बाद में प्रशासन शव सौंपने को तैयार तो हुआ, लेकिन परिजनों को कहा गया कि आप अंतिम संस्कार की तैयारी कीजिये। ऐसा माना जा रहा है कि प्रशासन शायद कड़ी सुरक्षा में अपनी मौजूदगी में ही अंतिम संस्कार कराए या फिर गांव ले जाकर शव परिजनों को सौंपा जाए। कुल मिलाकर पुलिस कल की घटना के बाद सतर्क है और नहीं चाहती कि यह विवाद और बवाल फिर बढ़े।

By Santosh

 

रफतउद्दीन फरीद
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