अपना घर मामला: जसवंती देवी सहित 9 पर अब 27 अप्रैल को होगा सजा का ऐलान

रोहतक के बहुचर्चित अपना घर मामले में पंचकूला सीबीआई कोर्ट द्वारा मुख्य आरोपी जसवंती देवी सहित 9 आरोपियों को 27 अप्रैल को सजा सुनाई जाएगी।

By: शंकर शर्मा

Published: 25 Apr 2018, 12:22 AM IST

पंचकूला। रोहतक के बहुचर्चित अपना घर मामले में पंचकूला सीबीआई कोर्ट द्वारा मुख्य आरोपी जसवंती देवी सहित 9 आरोपियों को 27 अप्रैल को सजा सुनाई जाएगी। आज सुनवाई में मुख्य आरोपी जसवंती देवी सहित सभी आरोपियों
को सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया। पिछली सुनवाई के दौरान सीबीआई और बचाव पक्ष के सभी गवाहों की गवाहियां पूरी हो चुकी है।18 अप्रैल को कोर्ट ने दोषियों में जसवंती के अलावा उसका भाई जसवंत, बेटी सुषमा ऊर्फ सिम्मी,
दामाद जय भगवान, चचेरी बहन शीला, सहेली रोशनी, ड्राइवर सतीश, कर्मचारी रामप्रकाश सैनी, काउंसलर वीना शामिल हैं। सभी को सजा 27 अप्रैल को सुनाई जाएगी।

इस केस में रोहतक की पूर्व बाल विकास परियोजना अधिकारी अंग्रेज कौर हुड्डा को सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था। उल्लेखनीय है कि 8 मई 2012 को अपना घर के नाम से चल रहे अनाथालय में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने छापा मारा था। यह कार्यवाही यहां से लापता हुई तीन लड़कियों के दिल्ली में पकड़े जाने पर हुई थी। छापे के बाद अपना घर की संचालिका जसवंती व अन्य के खिलाफ, देह व्यापार, शोषण, मारपीट व मानव तस्करी आदि के मामले दर्ज किए गए थे।

हरियाणा पुलिस की शुरुआती जांच के बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। अगस्त 2012 को चालान में सीबीआइ ने जसवंती देवी को मामले का मुख्य आरोपित बनाया था। ट्रायल के दौरान आरोपितों पर दुष्कर्म,सामूहिक दुष्कर्म, अनैतिक तस्करी, चोट, गंभीर चोट, छेड़छाड़, महिला की सहमति के बिना गर्भपात, अवैध अनिवार्य श्रम और बच्चों के साथ क्रूरता पर दोनों पक्षों ने अपनी दलीलें दी थी। इस मामले में अंतिम बहस 14 फरवरी से शुरू हुई थी। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष के 122 गवाहों की गवाही करवाई गई। इस मामले में 10-12 बच्चियों एवं युवतियों की गवाही महत्वपूर्ण थी, क्योंकि उनमें से कुछ ने मुख्य आरोपित की पहचान की थी और अपना घर में अपने प्रवास के दौरान के अनुभवों को बताया था। इस केस में बाद में जय भगवान और सतीश पर सामूहिक दुष्कर्म की धाराएं जोड़ी गई थी।

दोषी साबित कराने में लड़कियों की गवाही अहम रही
अपना घर नाम से संस्था को भारत विकास संघ नाम की एनजीओ चलाती थी। एक वकील ने बताया कि यहां 10-12 बच्चियों और युवतियों ने गलत काम कराए जाने की गवाही दी थी। यही गवाही सबसे ज्यादा अहम थी। बच्चियों ने सारे आरोपों के बारे में खुलकर बताया और मुख्य आरोपी की पहचान भी की।अपना घर के सारे माहौल के बारे में बताया। इस केस में बाद में जय भगवान और सतीश पर गैंगरेप की धाराएं जोड़ी गई थीं।

इन मामलों में दोषी मिले ये आरोपी
जसवंती देवी,जयभगवान,जसवंत सिंह, सुषमा, ड्राइवर सतीश और शीला को रेप, गैंगरेप, इम्मोरल ट्रैफिकिंग, बुरी तरह जख्मी करने, शोषण करने,अनुमति के बिना गर्भपात करवाने, क्रूरतापूर्ण व्यवहार करने और काम करवाने का दोषी
पाया गया। वीना को मंजूरी के बिना गर्भपात करवाने, क्रूरतापूर्ण तरीके से श्रम कराने का दोषी पाया गया। रोशनी को अपना घर में पैदा हुए बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र जारी कराया। उसमें खुद को मां बताया। राम प्रकाश सैनी
ने बच्चों से काम करवाने और उन्हें भुगतान नहीं करने का दोषी ठहराया गया।

शंकर शर्मा
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