बसपा ने हरियाणा में एलएसपी के साथ गठबंधन तोड़ा, पार्टी प्रभारी ने लगाया राजकुमार सैनी पर भाजपा के समर्थन का आरोप

बसपा ने हरियाणा में एलएसपी के साथ गठबंधन तोड़ा, पार्टी प्रभारी ने लगाया राजकुमार सैनी पर भाजपा के समर्थन का आरोप

Prateek Saini | Updated: 04 Jun 2019, 08:35:54 PM (IST) Sonipat, Sonipat, Haryana, India

लोकसभा से पहले इनेलो के साथ भी गठबंधन तोड़ चुकी है बसपा...

 

 

(चंडीगढ़,सोनीपत): लोकसभा चुनाव के बाद अचानक सक्रिय हुई बसपा सुप्रीमों मायावती ने जहां उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी से गठबंधन तोड़ लिया, वहीं आज हरियाणा में बसपा ने लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के साथ भी गठबंधन तोडऩे का ऐलान कर दिया है। एक साल में यह दूसरा मौका है, जब मायावती ने हरियाणा में पहले इनेलो तथा अब लोसपा से गठबंधन तोड़ा है।

 

जल्द बदलेगी कार्यकारिणी

बसपा की ओर से आज फरीदाबाद में आयोजित समीक्षा बैठक के बाद बसपा प्रभारी डॉ.मेघराज ने गठबंधन तोडऩे का औपचारिक ऐलान करते हुए कहा कि पार्टी के अंदर कार्यकर्ताओं या पदाधिकारियों की ओर से जो लापरवाही बरती गई, उस पर भी कार्रवाई का विचार किया जा रहा है। जल्द ही यदि पार्टी में पदाधिकारियों को बदलने की जरूरत पड़ी, तो वह भी बदले जाएंगे।

 

 

मेघराज ने एलएसपी सुप्रीमों राजकुमार सैनी पर लोकसभा चुनावों में भाजपा की मदद करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बहुजन समाज पार्टी के नेताओं द्वारा बार-बार समझाने के बाद भी राजकुमार सैनी विवादित बयान देते रहे। जिसकी वजह से पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ा। सैनी की पार्टी के पास पूरे हरियाणा में कहीं भी कैडर वोट दिखाई नहीं दिया। बसपा सुप्रीमो मायावती की तरफ से केवल लोकसभा चुनावों के लिए राजकुमार सैनी से गठबंधन किया था, लेकिन जिस तरह के चुनाव परिणाम आए हैं, उसके बाद इस गठबंधन को तोड़ा जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले हरियाणा के विधानसभा चुनावों में पार्टी 90 की 90 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी।

 

राजकुमार सैनी का पलटवार

गठबंधन तोड़े जाने के बाद लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के सुप्रीमो एवं पूर्व सांसद राजकुमार सैनी ने कहा कि यह गठबंधन दलितों व पिछड़ों के उत्थान के लिए बहुत उम्मीदों के साथ बिना किसी स्वार्थ के किया गया था। बसपा के कुछ प्रदेश स्तरीय नेताओं में इस गठबंधन के प्रति दर्द था। उन्होंने सवाल किया कि गठबंधन तोड़ने पर जो फैसला लिया गया है, क्या वह मायावती का है, या निचले स्तर के नेताओं का। हरियाणा के लोग यह जानना चाहते हैं, जिन्होंने इस गठबंधन पर भरोसा करके लोकसभा की सात सीटों पर प्रत्याशियों को तीसरे स्थान पर पहुंचाया।


राजकुमार सैनी ने कहा कि बसपा के हरियाणा प्रदेश के नेताओं ने अपने इतिहास को दोहराते हुए स्वार्थों की पूर्ति के लिए यह गठबंधन तोड़ा है। प्रदेश के नेता विधानसभा में टिकटों को बेचना चाहते हैं। पिछले कुछ दिनों से लगातार बसपा कार्यकर्ता हमारे संपर्क में रहकर स्थानीय नेताओं की पोल खोल रहे थे लेकिन आज भी दलित समाज भारी संख्या में लोसुपा के साथ खड़ा है।

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