script10 issues of Concern about Covid-19 new strain Omicron B.1.1.529 | कोरोना के नए स्ट्रेन 'ओमिक्रॉन' के बारे में 10 चिंता की बातें | Patrika News

कोरोना के नए स्ट्रेन 'ओमिक्रॉन' के बारे में 10 चिंता की बातें

स्वतंत्र जैन

जयपुर। दक्षिण अफ्रीका के अधिकारियों के बाद अब डब्ल्यूएचओ (WHO) ने भी कहा है कि दक्षिण अफ्रीका में मिला कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन चिंता की बात (Variant of Concern) है। डब्ल्यूएचओ ने कोरोना वायरस के इस नए स्ट्रेन को ओमिक्रॉन (Omicron) नाम दिया है। अभी तक दक्षिण अफ्रीका में मिले इस वायरस को B.1.1.52 का नाम दिया जा रहा था। इसके साथ ही
डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि, कोरोना पर लगाम लगाने में लगे देशों के लिए वायरस के इस नए स्ट्रेन से नई चुनौतियाँ पैदा हो सकती हैं।

जयपुर

Updated: November 27, 2021 09:43:01 am

दक्षिण अफ्रीका में पाए गए कोविड-19 के नए B.1.1.529 म्यूटेंट वैरिएंट (Mutant Variant) का खौफ पूरा दुनिया में देखने को मिल रहा है। इसका कारण भी है। दरअसल, कई कारणों से दक्षिण अफ्रीका के अधिकारियों ने इस म्यूटेंट को चिंता का विषय बताया है, जिस पर अब डब्ल्यूएचओ (WHO says it is matter of worry) ने भी मुहर लगा दी है। डब्ल्यूएचओ के इस बयान के बाद कई देशों में नए सिरे कोरोना वायरस संक्रमण के प्रकोप का खतरा गहरा गया है। इसके साथ ही कोविड-19 की पाबंदियों के अनुमान से पूरी दुनिया के शेयर बाजार सहम गए हैं और भारत समेत पूरी दुनिया के शेयर बाजार दबाव में देखे जा रहे हैं। अमरीका से यूरोप और एशिया के बाजार ढाई प्रतिशत से अधिक तक गिर चुके हैं।
दरअसल, कोरोना वायरस को हमारे बीच आए हुए लगभग 2 साल से ज्यादा हो चुके हैं। इस वायरस की सबसे खतरनाक बात यह रही है कि यह खुद को ऑटो इम्यून सिस्टम से बचाने के लिए अपना रूप बदल लेता है। ऐसा ही कुछ एक बार फिर लगभग दो साल बाद देखने को मिल रहा है।
who.jpg
डब्ल्यूएचओ ने कोरोना के नए वैरियंट को Omicron (ओमिक्रॉन) नाम देते हुए इसे चिंता का विषय बताया है
आइए जानते हैं उस वायरस के बारे में जिसकी चर्चा मात्र से पूरी दुनिया के शेयर बाजारों में कोहराम मचा हुआ है ---

1. क्या अलग है इस वैरियंट (New Variant or strain of Corona) में
आरंभिक चर्चाओं में कोरोना का यह स्ट्रेन अब तक का सबसे खतरनाक स्ट्रेन (Most dangerous strain of Covid 19) बताया जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि अपने स्पाइक प्रोटीन (Spike protien) में बड़ी संख्या में म्यूटेशन समाए हुए है। बताया जा रहा है कि इसका स्पाइक प्रोटीन 32 म्यूटेंट (Made up of 32 Mutant) से मिलकर बना है, यही बात इसे बाकी स्ट्रेन से खतरनाक बना रही है। दरअसल स्पाइक प्रोटीन के जरिए ही वायरस हमारे शरीर की कोशिकाओं में प्रवेश करता है। यही नहीं, वैक्सीन के जरिए भी इसी स्पाइक प्रोटीन को ही निशाना बनाया जाता है। यही नहीं, डेल्टा वैरियंट की तुलना में भी कई गुना खतरनाक माना जा रहा है। ओमिक्रॉन के रिसेप्टर बाइंडिंग डोमेन में भी 10 तरह के म्यूटेशन पाए गए हैं। जबकि डेल्टा में इस तरह के सिर्फ दो तरह के म्यूटेशंस (Mutations) पाए गए थे। साथ ही यह वैरियंट हवा से फैलने वाला यानी एयरबॉर्न है। इसलिए इसमें खतरनाक चुनौती बनने की सभी प्रकार की सामग्री (Material) मौजूद है।
इसी को लेकर लंदन के इंपीरियल कॉलेज के वायरोलॉजिस्ट और डॉक्टर टोम पीकॉक ने ट्वीट भी किया है। इसके अलावा डॉक्टर टोम ने एक साइट पर इससे संबंधित जानकारी भी साझा की है। डॉक्टर टोम समेत दुनियाभर के विशेषज्ञ इस स्ट्रेन को लेकर बेहद चिंतित नजर आ रहे हैं। शोधकर्ता अभी भी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या ये हमारे शरीर में जल्दी प्रवेश करता है यानी क्या ये ज्यादा संक्रामक है और क्या ये ज्यादा घातक है।
2. कहाँ से आया ये वायरस

ये वायरस कहाँ से आया इसके बारे में सिर्फ अभी अनुमान ही लगाया जा रहा है। एक अनुमान है कि ये वायरस का नया म्यूटेंट एक ऐसे एड्स के मरीज से आया है जिसकी इम्यूनिटी क्षमता बेहद कमजोर हो चुकी थी। करीब 82 लाख एड्स मरीज वाले देश दक्षिण अफ्रीका के लिए इस आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। पिछले साल आया बीटा वैरियंट का स्रोत भी दक्षिण अफ्रीका के एचआईवी संक्रमिक व्यक्ति को ही माना जाता है।
3. कितना फैल चुका है ये वायरस

26 नवंबर तक इस म्यूटेंट वायरस के दक्षिण अफ्रीका में 100 केस आ चुके थे और जो बात सबसे चिंता जनक है वो ये कि दक्षिण अफ्रीका के नए संक्रमण के मामलों यही नया म्यूटेंट ही प्रमुख स्ट्रेन बन चुका है। यानी इसके तेजी से फैलने के आरंभिक संकेत मिल रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका के शीर्ष वायरोलॉजिस्ट टुलियो डी ओलिवेरा ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि नया वेरिएंट अफ्रीकी देश के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा, ‘दुर्भाग्य से हमने एक नए वेरिएंट का पता लगाया है, जो दक्षिण अफ्रीका में चिंता का कारण है। यह संक्रमण के मामलों में वृ्द्धि का कारण बन सकता है। दक्षिण अफ्रीका के दो विश्वविद्यालयों में जीन्स सीक्वेंसिंग की संस्थाएं चलाने वाले प्रोफेसर ऑलिवेरा के अनुसार बुधवार को जोहांसबर्ग समेत दक्षिण अफ्रीका में कोरोना संक्रमण को जो भी नए केस मिले हैं उसमें 90 प्रतिशत संक्रमण इसी नए म्यूटेंट के चलते दर्ज किए गए। बोत्सवाना में भी जो चार लोग संक्रमित पाए गए उन सभी को वैक्सीन को दोनों डोज लग चुकी थीं। हांगकांग में भी दो दक्षिण अफ्रीकी यात्रियों में यही वायरस संक्रमण देखा गया है।
4.अभी तक क्या रही है बाजार और देशों की प्रतिक्रिया

शुक्रवार को जैसे ही ये खबर फैलना शुरू हुई, बाजारों ने इस पर बेहद घबराहट वाली प्रतिक्रिया दी है। भारत समेत पूरे एशिया में शेयर बाजार धराशाई हो गए, विशेष रूप से यात्रा और पर्यटन से जुड़ी कंपनियों के स्टॉक में भारी गिरावट देखी गई है। भारत का शेयर बाजार लगभग ढाई प्रतिशत से ज्यादा धराशाई हो गया तो अमरीका के नैस्डेक से लेकर एसएंडपी इंडेक्स में भी करीब ढाई प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। दुनिया भर के देश अफ्रीका से आने वाली उड़ानों पर रोक लगाने और अंतरराष्ट्रीय यात्राओं पर सख्त स्क्रीनिंग के निर्देश जारी कर रहे हैं।
5. कितनी चिंता की बात है?


दक्षिण अफ्रीका के अधिकारियों के बाद अब डब्ल्यूएचओ ने भी कहा है कि दक्षिण अफ्रीका में मिला कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन चिंता की बात है और इससे कोरोना पर रोकथाम के हमारे प्रयासों को धक्का लग सकता है। लेकिन अभी इसके बारे में अधिक जानकारी या अध्ययन उपलब्ध नहीं हैं। डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि इस नए वैरियंट के 100 से भी कम पूर्ण जीनोमिक सीक्वेंस हमारे पास उपलब्ध हैं और इस कारण इसके अध्ययन में समय लग सकता है। वायरस हमेशा रूप बदलता रहता है - देखना ये होगा कि क्या ये नया वायरस ये एंटबॉडी को चकमा देते हुए मानव शरीर में तेजी से प्रवेश कर सकता है और क्या ये अधिक घातक है?
6. डब्ल्यूएचओ द्वारा चिंता की बात (Variant of Concern) कहने का क्या है आशय?


डब्ल्यूएचओ ने दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना वायरस का नए स्ट्रेन को वैरियंट ऑफ कंसर्न का नाम दिया है। इसका आशय है कि जिन देशों में कोरोना के ये नया स्ट्रेन मिले उन देशों को इसके जीनोम सीक्वेंस को शेयर करना होगा। दूसरा, इसके आरंभिक मामले और क्लस्टर की जानकारी WHO को देनी होगी। जन स्वास्थ्य पर इसके असर का अध्ययन करने के लिए फील्ड इन्वेस्टीगेशन और लैब असेसमेंट होना चाहिए।
7. भारत में नहीं आया है अब तक कोई मामला

आधिकारिक सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया है कि भारत में अब तक कोविड-19 वेरिएंट B.1.1.529 या ओमिक्रॉन (Omicron) का कोई मामला सामने नहीं आया है। सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से दक्षिण अफ्रीका, हांगकांग और बोत्सवाना से आने या जाने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की कठोर जांच करने को कहा है।
8. यूरोप में भी दस्तक दे चुका है नया वैरियंट

इजरायल के साथ बेल्जियम में इस वेरिएंट का पहला मामला दर्ज हुआ है। यानी ये वायरस का नया स्ट्रेन यूरोप में दस्तक दे चुका है । देश के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि मलावी (अफ्रीकी देश) से यात्रा करके आए एक व्यक्ति को नए वेरिएंट से पॉजिटिव पाया गया है । जबकि दो अन्य यात्रियों के इससे संक्रमित होने का संदेह है। इन सभी लोगों को कोविड-19 की वैक्सीन लग गई हैं। अब इनके टीकाकरण से जुड़ी जानकारी की पुष्टि हो रही है।
अपने यहां पहला मामला मिलने से पहले इजरायल ने सात अफ्रीकी देशों के यात्रियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है। देश के प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट और स्वास्थ्य मंत्री नित्जन होर्विट्ज ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका, लेसोथो, बोत्सवाना, जिम्बाब्वे, मोजाम्बिक, नामीबिया और एस्वातिनी को ‘रेड लिस्ट’ वाले देशों के तौर पर सूचीबद्ध किया जा रहा है।
9. ब्रिटेन ने भी उठाए सख्त कदम

ब्रिटेन ने 6 अफ्रीकी देशों को रेड लिस्ट में डाल दिया है और उड़ानों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री साजिद जाविद ने कहा कि नए वेरिएंट की जांच हो रही है। इसके लिए फिलहाल और डाटा की जरूरत है, लेकिन हम अभी से सावधानी बरत रहे हैं। जाविद ने बताया कि छह अफ्रीकी देशों को रेड लिस्ट में जोड़ा जाएगा, जिसके बाद वहां की उड़ानों पर स्थाई रूप से प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। यहां से आने वाले ब्रिटिश यात्री क्वारंटीन होंगे।
10. आस्ट्रेलिया से लेकर सिंगापुर में जारी किए गए सख्त अलर्ट


इस नए वेरिएंट से बचाव के लिए ऑस्ट्रिया भी उन लोगों के लिए सीमा बंद करेगा, जो हाल ही में दक्षिण अफ्रीका और 6 अन्य देशों में गए हैं। वहीं ऑस्ट्रेलिया ने कहा है कि वह दक्षिण अफ्रीका में फैले नए कोविड-19 वेरिएंट की जांच कर रहा है और चेतावनी दी है कि अगर इससे जोखिम बढ़ता है, तो वह अफ्रीकी देश के यात्रियों के लिए अपनी सीमाएं बंद कर सकता है।
वहीं, सिंगापुर ने घोषणा की है कि वह मोजाम्बिक सहित दक्षिण अफ्रीका, लेसोथो, बोत्सवाना, जिम्बाब्वे, नामीबिया और एस्वातिनी को अपनी रेड लिस्ट वाले देशों की सूची में डाल रहा है। न्यूजीलैंड ने कहा कि वह नए वेरिएंट की बारीकी से निगरानी कर रहा है और यात्रा पर प्रतिबंध लगा सकता है। जर्मनी भी दक्षिण अफ्रीका से यात्रा पर प्रतिबंध लगाएगा।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

UP Election 2022 : भाजपा उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी, गोरखपुर से योगी व सिराथू से मौर्या लड़ेंगे चुनावCorona Cases In India: देश में 24 घंटे में कोरोना के 2.68 लाख से ज्यादा केस आए सामने, जानिए क्या है मौत का आंकड़ाJob Reservation: हरियाणा के युवाओं को निजी क्षेत्र की नौकरियों में 75 फीसदी आरक्षण आज से लागूअलवर दुष्कर्म मामलाः प्रियंका गांधी ने की पीड़िता के पिता से बात, हर संभव मदद का भरोसाArmy Day 2022: क्‍यों मनाया जाता है सेना दिवस, जानिए महत्व और इतिहास से जुड़े रोचक तथ्यभीम आर्मी प्रमुख चन्द्र शेखर ने अखिलेश यादव पर बोला हमला, मुलाकात के बाद आजाद निराशछत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ रहे कोरोना से मौत के आंकड़े, 24 घंटे में 5 मरीजों की मौत, 6153 नए संक्रमित मिले, सबसे ज्यादा पॉजिटिविटी रेट दुर्ग मेंयूपी विधानसभा चुनाव 2022 पहले चरण का नामांकन शुरू कैराना से खुला खाता, भाजपा के लिए सीटें बचाना है चुनौती
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.