एसीबी ने खोला लॉकर तो, खुले कई राज

उप महानिरीक्षक पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग का सहायक लेखाधिकारी (एएओ) भगवतसिंह चौधरी मालदार निकला। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को चौधरी का बैंक लॉकर खुलवाया। उसमें सोने-चांदी के लाखों रुपए के गहने और भूखंडों के दस्तावेज मिले। इनका वास्तविक आंकलन कराया जा रहा है। उधर, 51 हजार रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार चौधरी को गुरुवार को एसीबी ने अदालत में पेश किया। जहां से जेल भेज दिया।

By: Narendra Kumar Verma

Published: 18 Dec 2020, 12:52 PM IST


भीलवाड़ा। उप महानिरीक्षक पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग का सहायक लेखाधिकारी (एएओ) भगवतसिंह चौधरी मालदार निकला। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को चौधरी का बैंक लॉकर खुलवाया। उसमें सोने-चांदी के लाखों रुपए के गहने और भूखंडों के दस्तावेज मिले। इनका वास्तविक आंकलन कराया जा रहा है। उधर, 51 हजार रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार चौधरी को गुरुवार को एसीबी ने अदालत में पेश किया। जहां से जेल भेज दिया।

एसीबी के एएसपी बृजराजसिंह ने बताया कि चौधरी के शास्त्रीनगर स्थित वैभवनगर में मकान की तलाशी में द ओरिएंटल बैंक के लॉकर की चाबी मिली थी। यह बैंक अब पंजाब नेशनल बैंक में मर्ज हो चुका है। एसीबी की प्रथम शाखा के पुलिस उपाधीक्षक लक्ष्मणराम के नेतृत्व में टीम परिजनों को साथ लेकर दोपहर में मुख्य डाकघर के सामने बैंक पहुंची। लॉकर खुलवाया। उसमें दस से बारह तोला सोना और चांदी निकली। इनकी कीमत करीब 5 लाख 80 हजार रुपए है। चौधरी की पत्नी के नाम पांच भूखंडों के दस्तावेज निकले। यह भूखण्ड लक्ष्मी विहार, पंचवटी, स्टार नेट आदि इलाकों में है। रजिस्ट्री के हिसाब से इन भूखंडों की कीमत करीब 8.१२ लाख रुपए है। एसीबी इनकी वास्तविक कीमत पता कर रही है।

मालूम हो, एएओ चौधरी को बुधवार को एसीबी की द्वितीय शाखा ने 51 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा था। यह राशि स्टाम्प लाइसेंस जारी करने की एवज में मांगी थी। आरोपी के खिलाफ सेशन कोर्ट रोड निवासी रवि मेहता ने शिकायत दी थी। इसमें आरोप था कि उसकी पत्नी हेमा मेहता ने स्टाम्प लाइसेंस के लिए उप महानिरीक्षक पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग में करीब दो वर्ष पहले आवेदन किया था। विभाग दो साल से लाइसेंस के लिए चक्कर कटवा रहा था। परिवादी ने सहायक लेखाधिकारी चौधरी से सम्पर्क किया। उसने लाइसेंस जारी करवाने के बदले 51 हजार की रिश्वत मांगी। सत्यापन में शिकायत सहीं पाई गई थी

Narendra Kumar Verma Reporting
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