जानें क्या होता है परवाना, जिसके आने के बाद ही होगी तलवार दंपत्ति की जेल से रिहाई?

ashutosh tiwari

Publish: Oct, 13 2017 03:18:40 PM (IST)

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जानें क्या होता है परवाना, जिसके आने के बाद ही होगी तलवार दंपत्ति की जेल से रिहाई?

सीबीआई कोर्ट से परवाना आने के बाद ही तलवार दंपत्ति को कोर्ट से रिहाई होगी।

नई दिल्ली। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को आरुषि हत्याकांड की सुनवाई करते हुए तलवार दंपत्ति को बरी कर दिया लेकिन अभी उनकी रिहाई में तीन दिन लगेंगे। तलवार दंपत्ति के वकील के मुताबिक जब तक सीबीआई अदालत से परवाना नहीं आ जाता तब तक उनकी रिहाई नहीं हो पाएगी।

क्या होता है परवाना?
दरअसल जेल से रिहाई के लिए कोर्ट जो आदेश जारी करता है उसे परवाना कहते हैं। परवाना जारी करने की भी एक प्रक्रिया होती है। तलवार दंपत्ति को सीबीआई कोर्ट ने 2013 में उम्र कैद की सजा सुनाई थी। इस वजह से सीबीआई कोर्ट ही तलवार दंपत्ति की रिहाई के लिए परवाना जारी करेगी। इसके लिए पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले की कॉपी सीबीआई कोर्ट में जमा करनी होगी। हाईकोर्ट की कॉपी सीबीआई कोर्ट में जमा करने के दो नियम हैं। इसमें पहला ये है कि हाईकोर्ट का कोई कर्मचारी फैसले की कॉपी सीबीआई कोर्ट तक पहुंचाए। तो वहीं दूसरा ये कि तलवार दंपत्ति के वकील उस फैसले की कॉपी लेकर सीबीआई कोर्ट तक जाएं। आज कल सभी अदालतों के फैसले वेबसाइट पर आ जाते हैं, ऐसे में कैदी के वकील फैसले की कॉपी डाउनलोड कर अदालत तक पहुंचा देते हैं। नियमों के मुताबिक फैसला सुनाए जाने के 8 से 10 घंटे बाद फैसले की कॉपी आधिकारिक वेबसाइट पर आ जाती है।

सीबीआई कोर्ट के लगेगा कितना वक्त?
जैसे ही सीबीआई कोर्ट को फैसले की कॉपी मिलेगी वो एक-दो घंटे के अंदर परवाना तैयार कर देगी। इसके बाद सीबीआई कोर्ट से कोई कर्मचारी उस परवाना को लेकर डासना जेल जाएगा। जेल में परवाना मिलने के बाद रिहाई के लिए एक निश्चित समय तय किया रहता है। उसी समय के अनुसार कैदी को रिहा कर दिया जाता है। गौरतलब है कि 16 मई 2008 को राजेश तलवार की बेटी आरुषि और उसके वकील हेमराज की हत्या हो गई थी। इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। सुनवाई के बाद सीबीआई कोर्ट राजेश तलवार और नूपूर तलवार को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

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