दो साल से बंद पड़े आरओ प्लांट, फ्लोराइडयुक्त पानी से बुझानी पड़ रही प्यास

राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन के तहत सरकार की ओर से ग्रामीणों को शुद्ध व फ्लोराइडयुक्त पानी से निजात दिलवाने के लिए लगाए गए आरओ प्लांट लंबे समय से बंद पड़े हैं। ऐसे में ग्रामीण फ्लोराइडयुक्त व लवणीय पानी से हलक तर करने को मजबूर हैं

By: Dharmendra Kumar Ramawat

Published: 05 Feb 2021, 09:30 AM IST

भीनमाल. राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन के तहत सरकार की ओर से ग्रामीणों को शुद्ध व फ्लोराइडयुक्त पानी से निजात दिलवाने के लिए लगाए गए आरओ प्लांट लंबे समय से बंद पड़े हैं। ऐसे में ग्रामीण फ्लोराइडयुक्त व लवणीय पानी से हलक तर करने को मजबूर हैं। यहां फर्म ने आरओ स्थापित कर दिए गए हैं, लेकिन मेंटीनेंस के अभाव में 15 गांवों में आरओ बंद पड़े हैं। ऐसे में इस मिशन के तहत लाखों रुपए की लागत से लगे आरओ प्लांट ग्रामीणों के लिए कोई काम नहीं आ रहे हंै। पिछले काफी समय से आरओ प्लांट पर ताला जड़ा हुआ है। यहां पर भूजल में फ्लोराइड व टीडीएस की मात्रा भी निर्धारित मानकों से कई गुना अधिक है। ग्रामीणों का कहना है कि आरओ प्लंाट शुरू करने के लिए कई बार जलदाय विभाग के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को अवगत करवाया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। दरअसल, सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामीणों को फ्लोराइड व लवणीय पानी से निजात दिलवाने के लिए मिशन के तहत 2011 में आरओ प्लांट स्थापित किए थे। इन आरओ प्लांट पर ग्रामीणों को 10 पैसे प्रति लीटर से शुद्ध व फ्लोराइडमुक्त पानी मिल रहा था। यहां आरओ प्लांट पर पानी के लिए सुबह शाम ग्रामीणों की कतार लगती थी, मगर अब प्लांट बंद होने से ग्रामीणों को इसका फायदा नहीं मिल पा रहा है।
इन गांवों में बंद आरओ प्लांट
क्षेत्र के 15 गांवों में दो साल से आरओ प्लांट बंद पड़े हैं। ऐसे में ग्रामीणों को पेयजल के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। क्षेत्र के धानसा, कोरा, दासपां, भागलसेप्टा, रंगाला, कावतरा, जुंजाणी, नरता, सेरणा, मोदरा, धनवाड़ा, कोटड़ा, करड़ा, चांटवाड़ा व सीलासन में करीब दो साल से आरओ प्लांट बंद पड़े है। इन गांवों में फ्लोराइड की मात्रा भी 5 पीपीएम से अधिक है।
आरओ प्लांट बंद है...
गांव में आरओ प्लांट काफी समय से बंद पड़ा है। ऐसे में ग्रामीण फ्लोराइड की अधिकता वाला व लवणीय पानी पीने को मजबूर हैं। यहां भूजल में भी टीडीएस व फ्लोराइड की मात्रा भी अधिक है। आरओ प्लांट शुरू होने पर ग्रामीणों को राहत मिल सकती है।
- हरचंद परमार, ग्रामीण-कोरा
कंपनी ने काम छोड़ दिया है...
इन गांवों में आरओ प्लांट स्थापित करने वाली फर्म ने काम छोड़ दिया है। आरओ प्लांट को शुरू करने के लिए प्रयास चल रहे है। दोबारा टेंडर की प्रक्रिया करवाई जा रही है।
- आरएन यादव, एक्सईएन, पीएचईडी, भीनमाल

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