She News : लोककला 'मंजूषा' से महिलाओं को बना रहीं आत्मनिर्भर

प्रेरणा: भागलपुर की अनुकृति को अंगिका सदन की ओर से मंजूषा मणिका उपाधि दी गई। उसके अलावा उन्हें नारी शक्ति सम्मान सहित कई पुरस्कार मिले हैं।

By: Neeru Yadav

Updated: 25 Mar 2021, 09:32 AM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क. जयपुर. बिहार के अंग-क्षेत्र में प्रचलित लोकगाथा बिहुला विषहरी पर आधारित लोककला 'मंजूषा' भागलपुर की सांस्कृतिक धरोहर है। भागलपुर के शाहकुंड की अनुकृति कुमारी इसको अगली पीढ़ी तक पहुंचाने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम कर रही हैं। यह एक तरह की स्क्रॉल पेंटिंग है। वे इस कला से जुडऩे के बाद लोगों के लिए प्रेरणा बन गई हैं।

वे बताती हैं कि पहले लोग उनके घर से बाहर निकलने पर टीका-टिप्पणी करते थे। उन्हें अपनी पहचान बनाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा है। घरवाले भी उन्हें घर से बाहर नहीं जाने देना चाहते थे, लेकिन मां ने उनका हौसला बढ़ाया।

'मधुबनी' की तरह मिले पहचान

अनुकृति चाहती हैं कि मधुबनी पेंटिंग की तरह मंजूषा कला को भी अलग पहचान मिले। इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाए। वे खुद गांव में निशुल्क ट्रेनिंग देकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही हैं। इस कला को सीखकर महिलाएं ऑनलाइन व्यवसाय भी कर रही हैं।

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